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Heart Health: हृदय को स्वस्थ रखने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे आसान तरीका, एक रुपये का खर्च भी नहीं

Tue, 27 Aug 2024 02:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : istock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। कम उम्र के लोग भी इसका शिकार पाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस अंग से संबंधित समस्याओं का जोखिम बढ़ता जा रहा है। यानी कि हार्ट को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आहार और दिनचर्या को ठीक रखना सबसे जरूरी है। इसके अलावा भी कुछ उपाय हैं जो कि हृदय से संबंधित समस्याओं के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

हार्ट को कैसे स्वस्थ रखा जाए, इस बारे में किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि हंसने की आदत इसमें आपके लिए काफी मददगार हो सकती है। हंसी के अपने फायदे हैं। यह मूड को बेहतर बनाने और संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

क्या आप जानते हैं कि हंसने से आप दिल की बीमारियों से भी बच सकते हैं?
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हंसने से होने वाले लाभ - फोटो : Freepik
हंसना हमारी सेहत के लिए लाभकारी 

जापान के यामागाटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया। इसमें 40 या उससे कम उम्र के 17,152 लोगों और उनके हंसने के पैटर्न को ट्रैक किया गया। कई पैरामीटर्स पर किए गए इस अध्ययन की रिपोर्ट में पाया गया कि  हंसने की आदत दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार हो सकती है।

इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर शोधकर्ताओं ने जापानी सरकार को वहां के नागरिकों के लिए रोजाना हंसने के तरीके अपनाने के लिए प्ररित भी किया है।
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हृदय स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

प्रिवेंटिव मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि हंसी की आवृत्ति बढ़ाने से हृदय स्वास्थ्य में तो सुधार होता ही है साथ ही ये आदत हमें लंबे समय तक जीने में भी मदद कर सकती है। ये सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद आदत पाई गई है। यही कारण है कि कई देशों में लाफ्टर क्लब की संख्या बढ़ती जा रही है जहां पर लोग एक साथ मिलकर हंसते हैं।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर रॉबिन डनबर ने वर्षों तक हंसी के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभावों का अध्ययन किया। वह कहते हैं कि हंसने से मूड अच्छा होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जब हम पेट पकड़कर हंसते हैं, तो पसलियों के तनाव से एंडोर्फिन के स्राव में मदद मिलती है, जो दर्द को कम करने, हमें आनंदित महसूस कराने और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है।

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हृदय को स्वस्थ रखने का तरीका - फोटो : istock
हंसना हृदय के लिए कैसे फायदेमंद है?

शोधकर्ताओं ने बताया कि तनाव, अवसाद और अकेलेपन जैसी स्थितियों का आपके दिल पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब आप क्रोधित होते हैं या चिंता में रहते हैं तो आपका शरीर स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है जो सूजन और मांसपेशियों में ऐंठन को बढ़ाती है जिससे हार्ट की समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। स्ट्रेस हार्मोन हार्मोन संवहनी शिथिलता को बढ़ावा देती हैं जिससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा जाता है।

वहीं हंसी तनाव से जुड़े कई नकारात्मक लक्षणों को कम करने में मदद करती है। जब आप हंसते हैं, तो शरीर एंडोर्फिन नामक हार्मोन जारी करता है। ये हार्मोन आपको अच्छा महसूस कराते हैं और नकारात्मक भावनाओं को रोकते हैं। 
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हंसने की बनाएं आदत - फोटो : Freepik
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

हंसी जहां हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान देती है, वहीं सामाजिक व्यवहार में भी इसके लाभ हैं। इंस्टीट्यूट फॉर कॉग्निटिव न्यूरोसाइंस की निदेशक सोफी स्कॉट ने कहा कि जब हम ऐसी परिस्थितयों में आते हैं जहां परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर हंस रहे होते हैं तो यह हमें एक दूसरे के और नजदीक लाने में मददगार हो सकती है। हंसी हमारे रिश्तों की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, इससे हमारा दिल युवा और स्वस्थ महसूस करता है।


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स्रोत और संदर्भ
Laughter therapy cardiac rehabilitation in patients with stable coronary artery disease: a randomized clinical trial


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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