कैंसर के जोखिमों को जानिए
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क्या कहती हैं अध्ययनकर्ता?
यूके में मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में ऑन्कोलॉजी की प्रोफेसर एम्मा क्रॉस्बी कहती हैं, हमारे निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि रजोनिवृत्ति के बाद मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए जांच जरूर की जानी चाहिए।
कुछ और प्रकार के जोखिम कारक जैसे फैमिली हिस्ट्री, मोटापा, जल्दी मासिक धर्म होन, रजोनिवृत्ति में देरी, पहले से स्तन या ओवेरियन कैंसर और हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वालों में भी इसका खतरा और अधिक हो सकता है। इसके अलावा कुछ प्रकार के जीन में म्यूटेशन को भी महिलाओं में इस कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया है।