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Cancer: धूम्रपान-शराब और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी नहीं, ये है कई देशों में बढ़ते कैंसर प्रमुख कारण

Sat, 14 Jun 2025 07:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैंसर से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।  गड़बड़ लाइफस्टाइल-आहार में गड़बड़ी के अलावा कई अन्य जोखिम कारक हैं जो तेजी से कैंसर के खतरे को बढ़ाते जा रहे हैं। पर कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक वह नहीं है जो आप सोचते हैं।
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दुनियाभर में कैंसर का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock
Cancer Cases Worldwide: कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2022 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस साल 9.7 मिलियन (97 लाख) से अधिक लोगों की मौतें हुईं, वहीं अकेले भारत में ही इस बीमारी ने 9 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर किसी को भी हो सकता है, बच्चे हों या बुजुर्ग सभी इसका शिकार देखे जा रहे है इसलिए सावधानी बरतते रहना भी सभी के लिए जरूरी है। 

अध्ययनों से पता चलता है कि गड़बड़ लाइफस्टाइल-आहार में गड़बड़ी के अलावा कई अन्य जोखिम कारक भी हैं जो तेजी से कैंसर के खतरे को बढ़ाते जा रहे हैं। पर कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक वह नहीं है जो आप सोचते हैं।

एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक के बारे में बड़ा दावा किया है जिसे सभी लोगों को जानना जरूरी है।
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कैंसर और इसके जोखिम कारक - फोटो : Adobe stock photos
दुनियाभर में बढ़ते कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक

यदि आप ज्यादातर लोगों से पूछें कि कैंसर का कारण क्या है, तो जवाब शायद धूम्रपान-शराब, सूरज की रोशनी का लंबे समय तक संपर्क, रसायन या अन्य तत्व होगा। लेकिन कैंसर का सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक कुछ और ही है- ये है उम्र बढ़ना। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वैसे तो ये बीमारी किसी को भी हो सकती है, पर वृद्ध लोगों में इसके मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। 

कनाडा के लोगों पर ये अध्ययन किया गया है, वैज्ञानिकों ने बताया कि कनाडा और वैश्विक स्तर पर वृद्ध जनों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2068 तक, लगभग 29 प्रतिशत कनाडाई 65 वर्ष से अधिक आयु के होंगे। कैंसर वृद्ध वयस्कों में सबसे आम बीमारियों में से एक है। इसका मतलब है कि हमें वृद्ध लोगों के लिए सर्वोत्तम कैंसर देखभाल प्रदान करने के बारे में सोचने की जरूरत है। 
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कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
बुजुर्गों ेमें कैंसर के मामले

अब तक कैंसर की रोकथाम को लेकर हमारी प्रगति कैसी है, वैज्ञानिकों का जवाब है- बहुत बढ़िया नहीं। 

अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देश (जिसमें अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी के दिशानिर्देश भी शामिल हैं)  कहते हैं कि सभी वृद्ध वयस्कों को अपने कैंसर उपचार के बारे में निर्णय लेने से पहले जेरियाट्रिक मूल्यांकन करवाना चाहिए। जब वृद्ध लोगों में कैंसर का पता चलता है, तो उन्हें कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, लेकिन साक्ष्यों से पता चलता है कि ये परीक्षण, छिपी समस्याओं की पहचान करने के लिए वृद्धावस्था मूल्यांकन की तरह सटीक नहीं होते हैं।
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कैंसर के बढ़ते मामले चिंताजनक - फोटो : Amarujala.com
कैंसर को लेकर सावधानी जरूरी

रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश कोलंबिया में, वर्तमान में कैंसर से पीड़ित वृद्ध लोगों के लिए कोई विशेष सेवाएं नहीं हैं। इस तरह की चुनौतियां हर जगह हैं। 

विशेषज्ञों ने कहा, उम्र बढ़ने पर इस बीमारी के बढ़ते जोखिमों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। लाइफस्टाइल-आहार में कम उम्र से ही सुधार करें और नियमित रूप से अपने डॉक्टर की सलाह लेते रहें जिससे भविष्य में इस जानलेवा स्वास्थ्य समस्या के जोखिमों को कम किया जा सके। 



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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