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Covid-19 In India: कोरोना संक्रमण से बचे रहने के लिए क्या फिर से शुरू कर देना चाहिए काढ़ा-गिलोय का सेवन?

Sat, 14 Jun 2025 07:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए उपाय करते रहने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रयास करने की सलाह देते हैं। तो क्या काढ़ा-गिलोय आदि का सेवन फिर से शुरू कर देना चाहिए?
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संक्रमण से बचाव के लिए बढ़ाएं इम्युनिटी - फोटो : Adobe stock photos
Covid-19 News: देशभर में एक बार फिर से कोरोना का प्रकोप देखा जा रहा है। मई से शुरू हुई ये लहर देखते-देखते तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। 22 मई को एक्टिव मामले जहां 257 थे, वह शनिवार (14 जून) तक बढ़कर 7400 तक पहुंच गए हैं। कोरोना के प्रतिदिन मौत के मामले भी सामने आ रहे हैं। 

देश में इस बार बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएट्स (NB.1.8.1 और XFG) को जिम्मेदार माना जा रहा है। वैसे तो ये वैरिएंट्स हल्की प्रकृति वाले माने जाते रहे हैं, पर जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, पहले से कई प्रकार की बीमारियों का शिकार रहे हैं या फिर 65 साल से अधिक उम्र के हैं, उनमें संक्रमण के कारण गंभीर रोग विकसित होने का खतरा हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए उपाय करते रहने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रयास करने की सलाह देते हैं।

तो क्या कोरोना के शुरुआत के समय की ही तरह फिर से सभी लोगों को काढ़ा-गिलोय आदि का सेवन शुरू कर देना चाहिए?
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कोरोना से बचाव के लिए काढ़ा - फोटो : Freepik.com
इम्युनिटी को मजबूत रखना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इम्युनिटी को मजबूत करना एक सतत प्रक्रिया है, जिसका मतलब है कि आप एक झटके में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार नहीं कर सकते। इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। भले ही कोरोना का प्रकोप हो या नहीं, सभी लोगों को लगातार खान-पान और दिनचर्या ऐसी रखनी चाहिए जिससे इम्युनिटी में सुधार हो सके। 

गिलोय और औषधियों से तैयार काढ़े की कोरोना के दिनों में खूब चर्चा थी। अच्छी सेहत के लिए सभी लोगों को इस तरह के उपाय नियमित रूप से करने चाहिए। हालांकि जिन लोगों को पहले से कोई बीमरी है या कोई दवा चल रही है उन्हें ऐसे उपायों से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

(ये भी पढ़िए- कोरोना से बचाव के लिए क्या फिर से जरूरी हो गया है मास-वैक्सीनेशन?)
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औषधीय गुणों से भरपूर पेय - फोटो : Freepik.com

गिलोय-काढ़ा के सेवन के लाभ

मौसम बदलते ही वायरल बुखार, खांसी-जुकाम हो या कोरोना का संक्रमण, इन सभी से बचे रहने के लिए इम्युनिटी को मजबूत रखना सबसे आवश्यक है। काढ़ा और गिलोय के सेवन को अध्ययनों में विशेष लाभकारी पाया गया है, कोरोना महामारी के समय में इनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई थी। 

तुलसी, काली मिर्च, अदरक, दालचीनी, मुलेठी जैसे औषधीय मसालों को उबालकर बनाया जाने वाला काढ़ा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है, वहीं गिलोय जिसे 'अमृता' भी कहा जाता है, ये एक प्रकार का बेल है जो इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काफी मशहूर है।

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गिलोय के कई सारे लाभ - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एम्स और केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) के संयुक्त शोध में वैज्ञानिकों ने बताया था कि गिलोय में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण होते हैं जो शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा, गिलोय और काढ़ा जैसी चीजें संक्रमण के समय सहयोगी हो सकती हैं, पर ये इलाज नहीं हैं। संयमित मात्रा में और अपनी सेहत के अनुसार इनके सेवन से आपको विशेष लाभ मिल सकता है।

कुछ अध्ययनों के अनुसार गिलोय ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है  गिलोय खून को शुद्ध करता है और लिवर व किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है, परंतु इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

वहीं तुलसी, काली मिर्च और मुलेठी का मिश्रण गले को साफ करता है और बलगम कम करता है।
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चिकित्सक की सलाह जरूरी - फोटो : Adobe stock
क्या फिर से शुरू कर देना चाहिए इसका सेवन?

चूंकि एक बार फिर से कोरोना बढ़ रहा है ऐसे में ये सवाल आपके मन में भी होगा। 

इस बारे में डॉक्टर्स कहते हैं कि काढ़ा और गिलोय का सीमित और सही तरीके से सेवन संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है। ये इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है पर इसे इलाज समझना और बिना जरूरत के लंबे समय तक लेना नुकसानदेह हो सकता है। इन दिनों गर्मी भी है, ये औषधियां शरीर के ताप को और भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं या दवा ले रहे हैं तो बिना डॉक्टर के सलाह के किसी भी अन्य उपचार को प्रयोग में लाना ठीक नहीं है।

दिन में 1 बार आधा कप काढ़ा पीना ठीक माना जाता है। इसके अलावा गुनगुने पानी के साथ 10-15 एमएल गिलोय का भी सेवन कर सकते हैं, पर इसकी मात्रा सभी लोगों की सेहत के आधार पर अलग भी हो सकती है, इसलिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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