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Heart Diseases: इन देशों में हृदय रोगों से मौत का खतरा सबसे अधिक, शोध में इन पांच कारणों को माना गया जिम्मेदार

Fri, 22 Dec 2023 10:37 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे से बचाव के उपाय - फोटो : istock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर साल हृदय की तमाम बीमारियों के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। एक अन्य अध्ययन के मुताबिक साल 2022 में भारत में हार्ट अटैक के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, साल-दर साल इस रोग का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोगों के कई कारण हो सकते हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा कोरोना महामारी के कारण भी इसका बढ़ा हुआ जोखिम देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ता सभी उम्र के लोगों को इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह देते हैं।

इस बीच एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने विश्व के कुछ हिस्सों में हृदय रोगों और इसके कारण होने वाली मौतों के खतरे को लेकर सभी लोगों को अलर्ट किया है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि एशिया, यूरोप, अफ़्रीका, मध्य पूर्व में हृदय रोगों से होने वाली मौतों का सबसे जादा खतरा देखा जा रहा है। आखिर इसके क्या कारण हैं, आइए विस्तार से समझते हैं।
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हार्ट अटैक के जोखिम कारक - फोटो : pixabay
बढ़ते हृदय रोगों का कारण

शोधकर्ताओं ने 21 रीजन्स के डेटा का विश्लेषण करने के बाद पाया कि वैश्विक स्तर पर, हृदय रोग से संबंधित मौतों के आंकड़े 1990 में 12.4 मिलियन से बढ़कर 2022 में 19.8 मिलियन पहुंच गए है, जो ऐसी बीमारियों की उच्च दर को दर्शाता है। उन्होंने आगे पाया कि अध्ययन किए गए 204 स्थानों में से 27 में इन मौतों की दर 2015-2022 के बीच में बढ़ी है।

उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, आहार संबंधी समस्याओं और वायु प्रदूषण को इसका पांच प्रमुख कारण पाया गया है।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
हृदय-स्वस्थ की बढ़ती समस्याएं

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ और इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई), वाशिंगटन के शोधकर्ताओं ने कहा ये आंकड़े वैश्विक जनसंख्या वृद्धि और उम्र बढ़ने के साथ इन रोगों के लिए मेटाबॉलिज्म, पर्यावरण संबंधी समस्याओं के जोखिमों को भी दर्शाते हैं।

अध्ययन लेखक जॉर्ज ए. मेन्सा ने कहा, साल 2023 हृदय-स्वस्थ और इसके कारण होने वाली समस्याओं के जोखिमों को लेकर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। वैश्विक स्तर पर इस गंभीर रोग का बढ़ना बड़ा संकेत है, जिसे लेकर सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है।

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हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : istock
इस्केमिक हृदय रोग बड़ा खतरा

जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि इस्केमिक हृदय रोग, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) के कारण होने वाली मृत्यु दर का प्रमुख कारण बना हुआ है, जो प्रति एक लाख की जनसंख्या पर लगभग 110 मौतों का कारण बन रहा है। इसके बाद ब्रेन हैमरेज और इस्कीमिक स्ट्रोक के कारण सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की जा रही हैं। बड़े स्तर पर युवा आबादी भी इसका शिकार हो रही है।
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हृदय रोगी रखें विशेष ध्यान - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर पर भी ध्यान देने की जरूरत

शोधकर्ताओं ने बताया मध्य एशिया, पूर्वी यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के क्षेत्रों में हाई सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर के कारण प्रति एक लाख लोगों में मृत्युदर अधिक देखी जा रही है।  इसके अलावा, आहार संबंधी जोखिम के कारण हृदय रोगों का बोझ बढ़ा रहे हैं।

पेपर के वरिष्ठ लेखक और प्रोफेसर ग्रेगरी ए. रोथ कहते हैं, हृदय रोग एक सतत चुनौती है जो बड़ी संख्या में उन मौतों का खतरा बढ़ा रही है जिसे बचाव के उपाय करके समय से पहले रोका जा सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
New Study Reveals Latest Data on Global Burden of Cardiovascular Disease

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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