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World Obesity Day: 2050 तक भारत में कितना बढ़ जाएगा मोटापा? सामने आए डराने वाले आंकड़े; आप भी हो जाइए सावधान

Tue, 04 Mar 2025 07:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोटापा अब सिर्फ पश्चिमी देशों की समस्या नहीं रह गया है। भारतीय आबादी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसका शिकार हो रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा बढ़ने की जो गति फिलहाल देखी जा रही है अगर वही जारी रहती है कि आने वाले कुछ दशकों में भारत में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ सकती है। 
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मोटापे की बढ़ती समस्या - फोटो : Adobe Stock
मोटापा की स्थिति पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। भारतीय आबादी भी इसका तेजी से शिकार होती जा रही है। साल 2022 के लैंसेट स्टडी के अनुसार, भारत में 44 मिलियन (4.4 करोड़) महिलाएं और 26 मिलियन (2.6 करोड़) पुरुष मोटापे से ग्रस्त थे। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा बढ़ने की जो गति फिलहाल देखी जा रही है अगर वही जारी रहती है कि आने वाले कुछ दशकों में भारत में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ सकती है। 

अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा अब सिर्फ पश्चिमी देशों की समस्या नहीं रह गया है। भारतीय आबादी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसका शिकार हो रहे हैं। देश में तेजी से बढ़ती इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापे को कंट्रोल करने के लिए प्रयास करने की सलाह दी है।

दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मोटापे की समस्या और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मोटापा कम करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर 4 मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि अगले 25 साल में भारत में मोटापे की स्थिति को लेकर क्या अनुमान लगाया गया है?
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भारतीय आबादी में मोटापे का खतरा - फोटो : Freepik.com
 2050 तक और बढ़ सकते हैं मोटापे के मामले

भारत में मोटापे के खतरे को लेकर द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इसमें कहा गया है कि अगले 25 वर्षों में यानी साल 2050 तक भारत की लगभग एक तिहाई आबादी मोटापे का शिकार हो सकती है। यानी अगले दो दशकों में 44.9 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हो सकते हैं। 

इससे पहले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) ने पहले से ही संकेत दिया था मौजूदा समय में देश में हर चार में से एक व्यक्ति को मोटापे की समस्या है। सबसे चिंताजनक बात ये है कि बच्चे और वयस्क इसका तेजी से शिकार होते जा रहे हैं, जिसके कारण भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। 
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मोटापे के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe stock photos
भारत को दुनिया के शीर्ष तीन मोटापाग्रस्त देशों में

इससे पहले लैंसेट के ही एक अन्य अध्ययन में भारत को दुनिया के शीर्ष तीन मोटापाग्रस्त देशों में से एक बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार भारत की 70% शहरी आबादी मोटापे या अधिक वजन वाली श्रेणी में आती है, जिससे देश मोटापे के संकट बढ़ता जा रहा है।

मोटापे के सबसे ज्यादा शिकार टॉप 10 देशों में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। इस रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में तीन करोड़ से अधिक वयस्क या तो अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त हैं। 

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मोटापा की समस्या - फोटो : Freeoik.com
क्यों बढ़ रहा है इसका खतरा?

अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा को बढ़ाने वाले कई कारक हो सकते हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा कई अन्य कारक भी आपके वजन को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं उनमें मोटापे का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा में टेक्नोलॉजी पर बढ़ती हमारी निर्भरता के कारण भी वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।  

स्क्रीन टाइम यानी मोबाइल-लैपटॉप, टीवी जैसे उपकरणों पर बीतने वाला समय, हमें शारीरिक रूप से निष्क्रिय बनाता जा रहा है। ऐसे में शारीरिक सक्रियता, व्यायाम में कमी जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं जो सीधे तौर पर मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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वेट लॉस के लिए पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
वेट लॉस के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?

आहार विशेषज्ञों ने वजन को कंट्रोल रखने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं जिनकी मदद से वेट लॉस में मदद मिल सकती है।

वजन कंट्रोल रखने के लिए भोजन में विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा वाली चीजों को शामिल करें। इसके अलावा खूब पानी पिएं, भूख को नियंत्रित करने में मदद के लिए पूरे दिन हाइड्रेटेड रहें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम का लक्ष्य रखें और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें। 

वजन को कंट्रोल रखने के लिए स्ट्रेस लेने से बचें। अधिक तनाव लेने वाले लोगों में वजन बढ़ने का खतरा ज्यादा देखा जाता रहा है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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