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सावधान: सामने आया कोरोना का एक और नया रूप, WHO ने घोषित किया 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट'

Fri, 18 Jun 2021 11:47 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का एक नया वेरिएंट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण पिछले डेढ़ साल से कहर बरपा रहा है। कोरोना की आई दो लहरों में अब तक 17 करोड़ 79 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 38 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वायरस में हो रहे म्यूटेशन और नए स्ट्रेन लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि की थी, जिसे कई मामलों में खतरनाक माना जा रहा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के एक और नए वेरिएंट के बारे में सूचित किया है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना के नए वेरिएंट 'लैम्ब्डा' के बारे में पता चला है। करीब 29 देशों ने लैम्ब्डा वेरिएंट के पाए जाने की सूचना दी है। इस वेरिएंट की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका में मानी जाती है।
कोरोना के इस नए वेरिएंट ने लोगों और स्वास्थ्य संगठनों को फिर से अलर्ट कर दिया है। आइए इस लेख में जानते हैं कि यह नया वेरिएंट कितना प्रभावी हो सकता है? साथ ही डब्ल्यूएचओ ने इसे किस रूप में वर्गीकृत किया है?
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कोरोना के लैम्ब्डा वेरिएंट की पुष्टि (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कई देश कर चुके हैं सूचित
कोरोना पर अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि सबसे पहले पेरू में इस नए वेरिएंट की पहचान की गई है। इसके प्रसार को देखते हुए इसे 'ग्लोबल वेरिएंट ऑफ  इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल अप्रैल से पेरू में कोविड-19 के करीब 81 फीसदी मामलों को इसी वेरिएंट से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दो महीने में चिली में कोरोना के 32 फीसदी मामलों को 'लैम्ब्डा वेरिएंट' का ही कारण माना जा रहा है। इसके अलावा अर्जेंटीना और इक्वाडोर जैसे अन्य देशों ने भी इस नए वेरिएंट के मामलों के बारे में सूचित किया है।
 
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लैम्बडा वेरिएंट हो सकता है अधिक संक्रामक (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
हो सकता है अधिक संक्रामक
डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस में म्यूटेशन के कारण लैम्ब्डा वेरिएंट सामने आया है। अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक होने के साथ इसकी एंटीबॉडीज रेजिस्टेंस भी अधिक हो सकती है। फिलहाल इस बात की पुष्टि करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, लैम्ब्डा वेरिएंट को बेहतर ढंग से समझने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। वैज्ञानिक निरंतर इस काम में लगे हुए हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषित किया वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट - फोटो : Social media
वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट का क्या मतलब है?
डब्ल्यूएचओ ने लैम्ब्डा वेरिएंट को 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया है। इसका मतलब है कि इसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में  वर्गीकृत करने से पहले स्वास्थ्य संगठन इस वेरिएंट की प्रकृति और संक्रामकता शक्ति की निगरानी करता रहेगा। इससे पहले वेरिएंट्स की प्रकृति के आधार पर डब्ल्यूएचओ, अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' के रूप में वर्गीकृत कर चुका है।
पूर्व में डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की पहचान कर इसे 11 मई, 2021 तक 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया था। दुनियाभर में इसके तेजी से फैलने के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य संगठन ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' की रूप में लेवल किया।
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कोरोना के नए वेरिएंट्स बने चर्चा का विषय - फोटो : social media
क्या है कोरोना का डेल्टा वेरिएंट
दूसरी लहर में कोरोना की गंभीर संक्रामकता के कारणों का पता लगा रहे विभिन्न भारतीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) के बारे में लोगों को सूचित किया। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया है कि डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) अन्य वेरियंट्स की तुलना में काफी अधिक संक्रामक हैं। अल्फा वेरियंट की तुलना में इसका ट्रांसमिशन भी 50 फीसदी से अधिक होने का अनुमान है। इसके अलावा अल्फा की तुलना में डेल्टा वेरियंट का वायरल लोड भी अधिक पाया गया है। ताजा अपडेट में बताया गया है कि डेल्टा वेरिएंट कुछ म्यूटेशन के साथ 'डेल्टा प्लस' (AY.1) वेरिएंट में बदल गया है।

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स्रोत और संदर्भ: 
world heart organisation

अस्वीकरण नोट: यह लेख विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की साप्ताहिक रिपोर्ट में दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। वैक्सीनों की प्रभाविकता को लेकर अमर उजाला किसी तरह का दावा नहीं करता है।
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