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अच्छी सेहत: इम्युनिटी मजबूत करनी है तो कितने घंटे सोना जरूरी? जानिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह

Thu, 27 Aug 2026 09:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नींद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लगातार खराब नींद संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकती है। वयस्कों को आम तौर पर कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए। नियमित और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद इम्युनिटी के साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
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इम्युनिटी कैसे मजबूत करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
जब इम्युनिटी की बात होती है तो हमारा ध्यान आमतौर पर खानपान, विटामिन्स और एक्सरसाइज पर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता के लिए अच्छी और पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी है।

रात में देर तक मोबाइल चलाना, काम के कारण नींद कम लेना या रोज अलग-अलग समय पर सोना आजकल सभी उम्र वालों में आम हो गया है। अक्सर इसका असर अगले दिन की थकान तक ही माना जाता है। जबकि नींद के दौरान शरीर सिर्फ आराम नहीं करता, बल्कि कई जरूरी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करता है। इनमें प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज भी शामिल हैं।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार नींद प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी है। लगातार नींद कम लेने पर संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। यही वजह है कि इम्युनिटी को मजबूत रखने के लिए संतुलित भोजन और शारीरिक गतिविधि के साथ नींद भी बहुत जरूरी है।
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इम्युनिटी में कमजोरी - फोटो : Freepik.com
नींद और इम्युनिटी का संबंध

नींद के दौरान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी कई प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं। 

कभी-कभार एक रात कम सोने से घबराने की जरूरत नहीं है। असली समस्या तब शुरू होती है जब खराब नींद रोज की आदत बन जाए या किसी कारण से अक्सर आपकी नींद पूरी न हो पाए। लगातार नींद पूरी न होने पर शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है। यानी पर्याप्त नींद इम्युनिटी की देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है।
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इम्युनिटी की समस्या - फोटो : Adobe stock photos
बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा 

जब शरीर किसी वायरस या संक्रमण का सामना करता है तो प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानने और उससे लड़ने में मदद करती है। नींद इन प्रक्रियाओं के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में सर्दी-जुकाम जैसे संक्रमण होने की आशंका अधिक हो सकती है। 
  • कुछ अध्ययनों में खराब गुणवत्ता वाली नींद को संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने वाला भी पाया गया है।
  • यानी देर रात तक जागने की आदत का असर केवल सुबह की सुस्ती तक सीमित नहीं है। इसका शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
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सेहत के लिए जरूरी है अच्छी नींद - फोटो : adobe stock
कितने घंटे की नींद जरूरी है?

सभी वयस्कों के लिए रोजना रात में कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है।
 
  • बच्चों और किशोरों को इससे अधिक नींद की जरूरत होती है। हालांकि अगर 8 घंटे बिस्तर पर रहने के बावजूद नींद बार-बार टूटती है या सुबह उठने पर थकान रहती है, तो इस बारे में विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 
  • सीडीसी के अनुसार 7 घंटे से कम नींद लेने वाले वयस्कों में कई स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखी जाती हैं।
  • नींद की कमी का संबंध हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मोटापा और डायबिटीज जैसी स्थितियों से भी पाया गया है।
  • इसके अलावा कम नींद लेना ध्यान, याददाश्त और सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नींद को केवल आराम का समय मानना सही नहीं है। यह शरीर की रोजाना की रिकवरी का जरूरी हिस्सा भी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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