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सावधान: नाखूनों का रंग और आकार बताता है सेहत का हाल, इन संकेतों को समय रहते पहचानें

Thu, 27 Aug 2026 08:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नाखूनों का रंग, आकार और बनावट बदलना कई बार सामान्य कारणों से होता है, लेकिन कुछ बदलाव स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं। नाखून में बदलाव आयरन की कमी, क्लबिंग कुछ बीमारियों और नई काली पट्टी दुर्लभ रूप से मेलानोमा से जुड़ी हो सकती है।
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nails - फोटो : अमर उजाला
नाखूनों को हम आमतौर पर सिर्फ सुंदरता और सफाई से जोड़कर देखते हैं। लेकिन नाखूनों का रंग, मोटाई और बनावट कई बार शरीर में चल रही किसी समस्या की ओर भी इशारा कर सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार नाखूनों में दिखने वाले असामान्य बदलाव कई बार शरीर में पनप रही गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई बार सिर्फ नाखूनों को देखकर ही शरीर में आयरन की कमी, फेफड़ों और दिल की बीमारियों के खतरे और थायरॉइड की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नाखून के नीचे अचानक दिखाई देने वाली काली या भूरी लाइन को अध्ययनों में मेलानोमा यानी गंभीर प्रकार के त्वचा कैंसर का संकेत तक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपके नाखून में भी कुछ असामान्य सा दिख रहा है तो सावधान हो जाइए। 
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नाखून में दिखने वाले बदलाव - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार नाखूनों का रंग पीला होना कई बार नाखून के संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है। अगर नाखून पीले होने के साथ मोटे हो रहे हैं, टूट रहे हैं या नाखून की सतह बदल रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। हालांकि केवल रंग देखकर खुद से किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
 
  • नाखून का रंग बदलना कई बार नेल पॉलिश, चोट या दूसरे सामान्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए दूसरे लक्षणों और नाखून की पूरी स्थिति को देखना जरूरी है।
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लिवर की बीमारियां - फोटो : Adobe Stock
लिवर और डायबिटीज का संकेत

नाखूनों का रंग शरीर की स्थिति के बारे में कुछ संकेत दे सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार सफेद नाखून कुछ स्थितियों में लिवर की बीमारी या डायबिटीज से जुड़े हो सकते हैं, जबकि बहुत फीके नाखून एनीमिया यानी खून की कमी में देखे जा सकते हैं।
 
  • अगर नाखूनों का रंग लंबे समय से बदला हुआ है और साथ में कमजोरी, थकान या दूसरे स्वास्थ्य लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से मिलकर समय रहते जांच जरूर करा लें।

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नाखूनों की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
नाखूनों के भुरभुरा होने या टूटने की समस्या

नाखूनों का मोटा, सूखा और भुरभुरा होना कई कारणों से हो सकता है। थायरॉइड की बीमारी में नाखूनों की मोटाई, मजबूती और बढ़ने की गति में बदलाव देखा जा सकता है।

इसके अलावा नाखूनों में गहरी लकीरें दिखाई दे सकती हैं, इन्हें ब्यू की लाइंस कहा जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार ये तब बन सकती हैं जब कुछ समय के लिए नाखून का बढ़ना धीमा या रुक जाए। तेज बुखार, चोट, कीमोथेरेपी या शरीर पर बड़े तनाव के बाद ऐसा हो सकता है।
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नाखूनों में होने वाले बदलाव - फोटो : Adobe Stock
नाखून के नीचे काली लाइन

नाखून के नीचे काली या भूरी लाइन कई सामान्य कारणों से हो सकती है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह मेलानोमा का संकेत हो सकती है। मेलानोमा त्वचा का एक गंभीर कैंसर है, जो नाखून के नीचे भी विकसित हो सकता है। अगर आपके नाखूनों पर भी ऐसी लाइनें है और उसका रंग या आकार बदल रहा है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच जरूर करा लें।

हर काली लाइन कैंसर नहीं होती, लेकिन इसपर समय रहते ध्यान देकर आप अपने खतरों को कम कर सकते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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