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जानिए टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण, जोखिम और इसके विकास पर नियंत्रण पाने के तरीके

Tue, 06 Apr 2021 03:21 PM IST
तेजस्वी मेहता हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों एवं किशोरों में भी यह समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है - फोटो : Pixabay

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में पूरी दुनिया में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या 463 मिलियन थी, जिसमें से 88 मिलियन लोग दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में थे तथा इनमें से 77 मिलियन भारतीय थे। युवाओं में टाइप-2 डायबिटीज अधिक सामान्य है। हालांकि अव्यवस्थित भोजन तथा शारीरिक काम-काज की कमी और बढ़ते मोटापे के वजह से बच्चों एवं किशोरों में भी यह समस्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। टाइप-2 डायबिटीज की समस्या अचानक उत्पन्न नहीं होती है। समय के साथ धीरे-धीरे इसका विकास होता है। अगली स्लाइड्स से डॉ. दानेंद्र साहू, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, फोर्टिस हॉस्पिटल से जानिए टाइप- 2 डायबिटीज से जुड़ी ध्यान देने योग्य बातें।
 

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किडनी सहित पूरे शरीर के काम-काज पर बुरा असर डाल सकता है - फोटो : pixa

पूरे शरीर पर पड़ने लगता है प्रभाव
जब टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने लगता है, तो हमारा शरीर इंसुलिन के लिए गैर-प्रतिक्रियाशील या प्रतिरोधी हो जाता है, या फिर हमारे पैंक्रियाज से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक इंसुलिन का निर्माण नहीं हो पाता है। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगों के खून में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होती है, जो ना चाहते हुए भी हृदय, ब्लड सर्क्यूलेशन, आँखों और किडनी सहित पूरे शरीर के काम-काज पर बुरा असर डाल सकता है।

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बहुत अधिक प्यास लग सकती है - फोटो : social media

बाद में दिखाई देते हैं ये लक्षण
अक्सर टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में किसी तरह के शुरुआती संकेत या लक्षण नजर नहीं आते हैं। बाद में, जब ब्लड शुगर 250-300 मिलीग्राम तक पहुंच जाता है, तब व्यक्ति को थकान महसूस हो सकती है, वजन कम हो सकता है, बहुत अधिक प्यास लग सकती है, लगातार भूख महसूस हो सकती है तथा बार-बार पेशाब जाना पड़ सकता है। सुबह जागने के बाद किसी भी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 250 या 300 बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

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जिनका डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास हो - फोटो : सोशल मीडिया

इन लोगों को रहता है टाइप-2 डायबिटीज का अधिक खतरा
टाइप- 2 डायबिटीज का खतरा ऐसे लोगों को अधिक होता है जिनका डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास हो, 45 से ज्यादा उम्र हो, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज का इतिहास रहा हो, मोटापा हो या बिना शारीरिक गतिविधि की जीवनशैली जी रहे हों।

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अच्छा और स्वस्थ भोजन करें - फोटो : social media

 इस तरह से पाएं डायबिटीज के विकास पर नियंत्रण-
अगर ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने के बारे में शुरु में ही पता चल जाए, तो अधिकांश लोग अपना वजन कम करके और अपनी शारीरिक गतिविधि को बढ़ाकर इस बीमारी से बच सकते हैं या इसके फैलने की गति को धीमा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कभी-कभी तो लोग ऐसा करके अपने ब्लड शुगर को सामान्य स्तर पर वापस लाने में भी सफल रहते हैं। साथ ही इन बातों का भी ध्यान रखें-

-अच्छे स्वास्थ्य के अनुकूल वजन को बरकरार रखें
-अच्छा और स्वस्थ भोजन करें
 -शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहें
 -हर साल टाइप-2 डायबिटीज की जांच कराएं 

नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने हेतु फोर्टिस हॉस्पिटल में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. दानेंद्र साहू से बातचीत के आधार पर बनाया गया है। संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।  

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