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कोविड-19 के साथ-साथ लोगों में बढ़ रही है 'कोरोनासोमेनिया' की समस्या, कहीं आप भी तो नहीं हैं इसके शिकार?

Thu, 01 Apr 2021 01:26 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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sad - फोटो : social media
दुनियाभर में कोरोना वायरस के प्रभाव को एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। भले ही इस महामारी को झेलते हुए हम एक लंबा सफर तय कर चुके हैं, कई देशों में इसके टीकाकरण का काम भी तेजी से चल रहा है फिर भी हमारे मन में अब भी दहशत का माहौल है। कोविड-19 ने न सिर्फ लोगों के जीवन को बाधित किया है, साथ ही इसका प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य  पर भी बुरी तरह से देखने को मिला है। इस महामारी ने लोगों के नींद के चक्र को प्रभावित कर दिया है जिसका असर दैनिक जीवन के कामकाज पर भी देखने को मिल रहा है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में 'कोरोनासोमेनिया' नाम की ऐसी ही समस्या तेजी से बढ़ रही है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोनासोमेनिया क्या है?
महामारी ने हमें जीवन के एक नए तरीके से परिचित कराया है। कोरोनासोमेनिया, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह समस्या इनसोमेनिया यानी अनिद्रा और नींद की अन्य समस्याओं से जुड़ी हुई है। जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार इस महामारी के कारण लगभग 40 फीसदी लोगों ने अनिद्रा और नींद से जुड़ी तमाम प्रकार की समस्याओं का अनुभव किया। 
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insomnia
कोरोनासोमेनिया का कारण क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक कई प्रकार की स्थितियां कोरोनासोमेनिया का कारण बन सकती हैं। चूंकि लोगों के मन में अब भी डर और असुरक्षा की भावना है जिसका प्रभाव उनकी दैनिक क्रियाओं पर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा लोगों से कम मिल पाने, एक विशेष प्रकार की दूरी बन जाने के कारण कोरोनासोमेनिया का असर लोगों पर देखने ज्यादा देखने को मिल रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जीवनशैली में बदलाव
कोविड-19 महामारी ने हमारे जीने के तरीके में व्यापक बदलाव ला दिया है। इसका सीधा प्रभाव हमारे दैनिक कार्यों, खाने की आदतों, काम करने के माहौल के साथ मानसिक स्थिति पर देखने को मिल रहा है। जैसा कि आज के समय में सोशल डिस्टेंसिंग और क्वारंटीन शब्द सामान्य है, ऐसे में लोगों के लिए स्वयं को मानसिक रूप से शांत रख पाना मुश्किल हो गया है। यह सभी स्थितियां नींद में कमी और अनिद्रा जैसी परेशानियों को जन्म देती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोनासोमेनिया से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को इस तरह की समस्याएं हो रही हैं उन्हें योग और मेडिटेशन जैसे अभ्यासों को प्रयोग में लाना चाहिए। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करें और उन मानसिक तनावों को कम करने की कोशिश करें जो भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकती हैं। नियमित दिनचर्या बनाए रखने और जीवन शैली को स्वस्थ रखने विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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