खून की जांच से किडनी की बीमारी का चलेगा पता
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किन लोगों के लिए केएफटी टेस्ट की ज्यादा जरूरत
डॉक्टर कहते हैं स्वस्थ लोगों को 1-2 साल में ये टेस्ट कराना चाहिए। वहीं जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कि़डनी रोगों की फैमिली हिस्ट्री रही है उन लोगों को हर 6 महीने में ये जांच कराने की सलाह दी जाती है।
- बढ़े हुए शुगर और ब्लड प्रेशर का किडनी की सेहत पर नकारात्मक असर होता है, ऐसे में इन मरीजों को नियमित रूप से डॉक्टरी सलाह लेते रहना चाहिए।
- केएफटी के साथ कुछ मरीजों को यूरिन टेस्ट भी कराने की सलाह दी जा सकती है ताकि किडनी की स्थिति का सही से पता लगाया जा सके।
- नियमित जांच की मदद से बीमारी को समय रहते पकड़ने और इलाज करके ठीक करने की संभावना बढ़ जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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