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सावधान: ऐसे लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

Sun, 05 Sep 2021 02:08 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी की बीमारियों को पहचानें (सांकेतिक) - फोटो : istock
Medically Reviewed by-
डॉ मनीष बत्रा
(किडनी रोग विशेषज्ञ)
मुंबई


किडनी, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करने का काम किडनी का ही होता है। यह सभी अशुद्धियां किडनी से होते हुए मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाती हैं। इसके अलावा किडनी, शरीर में पीएच, सोडियम और पोटेशियम के स्तर को भी नियंत्रित करती है। किडनी द्वारा ऐसे हार्मोन का भी उत्पन्न होता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में सहायक होते हैं। अब सोचिए अगर किडनी में किसी प्रकार की की समस्या आ जाए तो शरीर पर इसका कितनी गंभीर असर हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में दुनिया की बड़ी आबादी किडनी के रोगों की शिकार है। गंभीर बात यह है कि इनमें से ज्यादातर लोगों को इस तरह की किसी भी समस्या के बारे में पता भी नहीं होता है। डॉक्टर कहते हैं, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के रोगियों के साथ जिन लोगों के परिवार में किसी को पहले से किडनी की समस्या रह चुकी हो, उन लोगों में किडनी से संबंधित समस्याओं खतरा अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समय रहते किडनी की बीमारियों का पता चल जाए तो इसका इलाज आसान होता है, इसके लिए आपको बीमारी के लक्षणों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में जानते हैं, जो किडनी की बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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पेशाब की दिक्कतों को न करें अनदेखा - फोटो : pixabay
पेशाब में समस्या को न लें हल्के में
डॉक्टर कहते हैं, पेशाब में होने वाली किसी भी तरह की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, यह किडनी की बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। सामान्यतौर पर किडनी से मूत्र का उत्पादन होता है, इसलिए यदि किडनी ठीक से काम नहीं करती है तो मूत्र के रंग में बदलाव या पेशाब से संबंधित अन्य समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार पेशाब महसूस होना, पेशाब से असामान्य तरीके की बदबू आना, पेशाब से झाग बनना, खून आना आदि को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए, यह किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकते हैं।
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पैरों में सूजन की दिक्कत - फोटो : istock
पैरों या टखनों में सूजन
डॉक्टर बताते हैं, जब किडनी सामान्य रूप से  तरल पदार्थ को निकालने में असमर्थ हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में पैरों, टखनों और यहां तक कि हाथों में भी सूजन की समस्या हो सकती है। यदि पैरों में असामान्य तरीके की सूजन कुछ दिनों तक बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क कर लें, यह भी किडनी रोगों का संकेत हो सकता है।

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त्वचा की समस्याओं को न करें नजरअंदाज प्रतीकात्मक (प्रतीकात्मक) - फोटो : iStock
त्वचा संबंधी समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप लंबे समय से त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। जब किडनी, रक्त में खनिजों और पोषक तत्वों का उचित संतुलन नहीं बना पाती है तो ऐसी स्थिति में आपको त्वचा के सूखेपन या त्वचा में खुजली की समस्या हो सकती है। त्वचा में होने वाले किसी भी असामान्य परिवर्तन की समस्या यदि लंबे समय तक बनी रहती है तो इस बारे में चिकित्सक से सलाह जरूर ले लें।
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किडनी को स्वस्थ रखने के करें उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय
डॉक्टर कहते हैं, जीवनशैली में बदलाव करने के साथ अच्छा खान-पान रखकर आप किडनी को स्वस्थ बनाए रह सकते हैं। यदि आप नियमित रूप से ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दर्द की दवा लेते हैं, तो इससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा किडनी को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान न करें और दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। जंक और बहुत अधिक मसाले वाले भोजन से भी किडनी को क्षति पहुंच सकती है। वहीं जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शुगर बढ़ने से किडनी खराब होने का खतरा सबसे अधिक होता है।


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नोट: यह लेख डॉ मनीष बत्रा (किडनी रोग विशेषज्ञ, मुंबई) के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
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