बायपोलर डिसऑर्डर के कारण होने वाली समस्याएं
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बायपोलर डिसऑर्डर क्या है?
अब सवाल उठता है कि आखिर बायपोलर डिसऑर्डर होता क्या है? जिसने किसी नवयुवक को इतना परेशान कर दिया है कि अब उसे जीने के बजाय जान देना अधिक आसान लग रहा है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के अनुसार, बायपोलर डिसऑर्डर एक 'मैनिक डिप्रेसिव इलनेस' है जिसमें रोगी को उसकी मनोदशा और शरीर में ऊर्जा के स्तर में अत्यधिक परिवर्तन महसूस होता रहता है। इसमें बहुत तेजी से भावनात्मक उतार-चढ़ाव होता रहता है जिन्हें उन्माद या हाइपोमेनिया भी कहा जाता है।
इसमें कभी बहुत अधिक उदासी या निराश महसूस हो सकती है, रोगी दैनिक गतिविधियों में रुचि या आनंद खो सकता है। जब मूड उन्माद या हाइपोमेनिया में बदल जाता है, तो आप बहुत उत्साहित और ऊर्जा से भरे या असामान्य रूप से चिड़चिड़ा महसूस कर सकते हैं। ये मूड स्विंग नींद, ऊर्जा के स्तर, दैनिक गतिविधि, निर्णय और व्यवहार के साथ और स्पष्ट रूप से सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। बाइपोलर मानसिक स्वास्थ्य की एक गंभीर स्थिति है।