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Liver Problem: अक्सर होती रहती है खुजली? कहीं ये लिवर की बीमारियों का संकेत तो नहीं

Sun, 07 Jul 2024 07:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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त्वचा में खुजली की समस्या - फोटो : istock
लिवर हमारे शरीर में भोजन को पचाने, स्वस्थ रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने, खून के थक्के को नियंत्रित करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता तो शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं मसलन, पित्त जमा होना। पित्त वसा को पचाने में मदद करता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता है तो यह पित्त को ठीक से नहीं बना पाता या निकाल नहीं पाता है, जिससे पित्त रक्त में जमा होने लगता है। यह पित्त त्वचा में खुजली पैदा करता है, खासकर रात के समय जब आप सो रहे होते हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खुजली होना क्रोनिक लिवर रोगों का एक आम लक्षण है। आइए जानते लिवर की बीमारियों में खुजली होने के क्या कारण हैं और इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है?
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लिवर में होने वाली दिक्कतें - फोटो : istock
लिवर में होने वाली समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लिवर में गड़बड़ी होने पर शरीर में कुछ खास संकेत नजर आने लगते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है शरीर में खुजली होना। यह रात के समय में अधिक देखी जाती है, खासतौर पर पैरों में सबसे ज्यादा खुजली होती है। लोगों की लगातार बिगड़ती जीवनशैली का सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है।

वैज्ञानिक अभी तक स्पष्ट नहीं हैं कि लिवर की बीमारी में खुजली होने के क्या कारण हैं? हालांकि इसके लिए कुछ कारकों को जिम्मेदार पाया गया है। 
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लिवर की बीमारी - फोटो : istock
खुजली होने के क्या कारण हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया यदि आपको लिवर की बीमारी है, तो त्वचा के नीचे पित्त लवण का उच्च स्तर जमा हो सकता है, जिससे खुजली हो सकती है। पित्त लवण के उच्च स्तर वाले सभी लोगों को खुजली महसूस हो ऐसा भी जरूरी नहीं होती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान या हार्मोन्स में होने वाली समस्याओं के कारण भी खुजली की दिक्कत होने लगती है।
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स्वस्थ आहार का करिए सेवन - फोटो : istock
लिवर को कैसे स्वस्थ रखें?

डॉक्टर कहते हैं, लिवर की बीमारी के पीछे खराब खान-पान भी बड़ी वजह हो सकती है, इसलिए आहार में फल, सब्जियां एवं साबुत अनाज खाएं और वसा वाली चीजों से दूरी रखें। वजन को नियंत्रित रखें। धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज करें। सही समय पर लक्षणों की पहचान कर डॉक्टर की सलाह लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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