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अलर्ट: बरसात के दिनों में कहीं पानी ही न बन जाए बीमारी का कारण? ये गलती पहुंचा देगी हॉस्पिटल

Fri, 28 Aug 2026 09:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मानसून के दिनों में तेज बारिश और बाढ़ के कारण पानी के स्रोत दूषित हो जाते हैं। ऐसा पानी डायरिया, हैजा, पेचिश, टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। पानी को सुरक्षित रखना, जरूरत पड़ने पर उबालना और साफ बर्तन में ढककर रखना जरूरी है।
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दूषित पानी के खतरे - फोटो : Amarujala.com/AI
मानसून का ये मौसम गर्मी से राहत देने वाला माना जाता है, पर अपने साथ सेहत के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में जगह-जगह जलजमाव मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा तो बढ़ा ही देती है साथ ही इन दिनों खान-पान को लेकर बरती गई असावधानी भी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों हुई बारिश और जलजमाव ने डेंगू के मामलों को बढ़ा दिया है। खतरा सिर्फ डेंग-मलेरिया तक सीमित नहीं है, इन दिनों में पानी के मामले में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। 

तेज बारिश के बाद सड़क-नालियों का गंदा पानी कई बार पीने के पानी के स्रोत के संपर्क में आकर उसे दूषित कर देते हैं। इसे अगर पी लिया जाए तो ये कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दिनों पीने के पानी को लेकर भी अतिरिक्त सावधानी बतरने की सलाह देते हैं।
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साफ पानी ही पिएं - फोटो : Freepik.com
बरसात में पीने के पानी को लेकर सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात और बाढ़ के दौरान पानी के दूषित होने का खतरा और बढ़ जाता है। बारिश का पानी कई बार जमीन की गंदगी और मल को बहाकर नदियों-तालाबों और दूसरे जलस्रोतों तक ले जा सकता है। अगर पाइपलाइन में लीकेज हो या सीवर का पानी पेयजल लाइन के संपर्क में आ जाए, तो घर तक पहुंचने वाला पानी भी दूषित हो सकता है।
 
  • दूषित पानी को हमेशा देखकर, सूंघकर नहीं पहचाना जा सकता। पानी साफ दिखाई दे, फिर भी उसमें बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी मौजूद हो सकते हैं। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक दूषित पानी से डायरिया, हैजा, पेचिश, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और पोलियो जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।
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दस्त की समस्या - फोटो : Freepik.com
डायरिया का खतरा

दूषित पानी से होने वाली सबसे आम समस्याओं में डायरिया प्रमुख है। पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी आंतों में संक्रमण पैदा कर सकते हैं। दूषित पानी से डायरिया के अलावा हैजा, पेचिश और दूसरी आंतों की बीमारियां भी हो सकती हैं।
 
  • डायरिया में बार-बार पतला मल आने, पेट में दर्द और कमजोरी हो सकती है। 
  • बार-बार दस्त और उल्टी के कारण शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और डिहाइड्रेशन का खतरा भी हो सकता है। बच्चों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है।

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हेपेटाइटिस का खतरा - फोटो : Freepik.com
टाइफाइड और हेपेटाइटिस ए का जोखिम

डायरिया के अलावा दूषित पानी और स्वच्छता में कमी के कारण टाइफाइड, हैजा, पेचिश और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। 
 
  • हेपेटाइटिस-ए वायरस लिवर में संक्रमण और सूजन संबंधी बीमारी का कारण बनता है। 
  • वहीं टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक गंभीर और संक्रामक रोग है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है।

डॉक्टर बताते हैं, घर में इस्तेमाल होने वाला पानी, उससे बनने वाला खाना और यहां तक कि दांत साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पानी भी सुरक्षित होना चाहिए। 
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साफ पानी ही पिएं - फोटो : Adobe stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के दिनों में साफ पीने का पानी बहुत जरूरी है। 
 
  • बरसात के दिनों में हमेशा उबालकर और फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
  • पानी को साफ, ढक्कन वाले बर्तन में रखें और हाथों को साबुन से धोकर ही पानी या बर्तन को छुएं। 
  • खाने से पहले और शौचालय इस्तेमाल करने के बाद हाथ धोना भी जरूरी है, क्योंकि संक्रमण सिर्फ पानी से नहीं, गंदे हाथों और दूषित भोजन से भी फैल सकता है।
  • अगर घर में किसी को डायरिया हो जाए तो समय-समय पर ओआरएस का घोल दें और डॉक्टर की सलाह लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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