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पाचन स्वास्थ्य: दही, छाछ या प्रोबायोटिक? पेट के लिए कौन है सबसे बेहतर, समझें आसान भाषा में

Fri, 28 Aug 2026 09:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दही, छाछ और प्रोबायोटिक फूड को अक्सर एक जैसा समझ लिया जाता है, जबकि इनमें अंतर है। हर फर्मेंटेड फूड प्रोबायोटिक नहीं होता और हर प्रोबायोटिक हर व्यक्ति पर समान असर नहीं करता। जानिए सामान्य पेट की सेहत के लिए क्या चुनें और किसी खास समस्या में किन बातों पर ध्यान दें।
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पाचन कैसे ठीक रखें? - फोटो : Amarujala.com/AI
बड़े-बुजुर्ग कहते रहे हैं कि अगर आपका आहार ठीक है तो सेहत को लेकर चिंता की कोई जरूरत नहीं। रोजना खाने में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, विटामिन्स-प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करके शरीर को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है।

खाने के साथ दही हो तो थाली जैसे पूरी लगती है। दही सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाती है, बल्कि ये कैल्शियम का अच्छा स्रोत भी है जो हमारे हड्डियों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। साथ ही पाचन को ठीक रखने के लिए तो दही को रामबाण माना जाता रहा है।

अब बाजार में प्रोबायोटिक दही, प्रोबायोटिक छाछ और योगर्ट भी खूब दिखाई देते हैं। तीनों को देखकर मन में एक ही सवाल आता है आखिर पेट के लिए सबसे अच्छा क्या है? अगर आप भी इसे लेकर कंफ्यूज रहते है तो आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
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भोजन में शामिल करें दही - फोटो : Freepik.com
पहले इनमें अंतर जान लीजिए

दही और योगर्ट दोनों दूध से बने फर्मेंटेड फूड हैं, लेकिन इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले बैक्टीरिया अलग हो सकते हैं। दूध-दही की तरह प्रोबायोटिक किसी खास फूड का नाम नहीं है बल्कि ये ऐसे जीवित गुड बैक्टीरिया हैं जो पर्याप्त मात्रा में लेने पर आंतों के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं।
 
  • दही वर्षों से हमारे भोजन का हिस्सा रहा है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं और फर्मेंटेशन के कारण इसमें जीवित सूक्ष्मजीव भी होते हैं। यानी रोज के भोजन में दही शामिल करना आपको कई लाभ दे सकता है।
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छाछ बहुत फायदेमंद - फोटो : Freepik.com
छाछ पेट के  लिए फायदेमंद

दही में पानी मिलाकर बनाई गई छाछ हल्का पेय है और भोजन के साथ आसानी से ली जा सकती है। लेकिन बाजार में मिलने वाली हर छाछ प्रोबायोटिक हो ये जरूरी नहीं है।घर की बनी छाछ में सबसे बेहतर है। इनमें प्रिजर्वेटिव, नमक-चीनी या कोई फ्लेवर नहीं होता, ऐसे में शरीर को इससे बेहतर लाभ मिल सकता है। छाछ पाचन को ठीक रखने में बहुत फायदेमंद है। ये शरीर को ठंडक भी देती है। 


प्रोबायोटिक के बारे में जानिए

प्रोबायोटिक कोई एक खास फूड नहीं है। ये ऐसे जीवित सूक्ष्मजीव हैं जो पर्याप्त मात्रा में लेने पर स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं।
 
  • ये पेट में बैड बैक्टीरिया को कम करके गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे गैस, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके अलावा अध्ययनों में पाया गया है कि ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। आंतों की सेहत को ठीक रखने और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
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पाचन कैसे ठीक रखें? - फोटो : Freepik.com
पेट के लिए कौन सा बेहतर?

अगर आप पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सादा दही सबसे आसान और अच्छा विकल्प है। इससे पोषण भी मिलता है और यह फर्मेंटेड डेयरी फूड भी है। इसके अलावा छाछ भी अच्छा विकल्प है और इसे अपनी पसंद के अनुसार भोजन में शामिल किया जा सकता है।

लेकिन अगर आपको कोई खास पाचन की समस्या है और आप प्रोबायोटिक लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। प्रोबायोटिक हर किसी के लिए जरूरी नहीं है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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