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Diabetes Tips: मधुमेह रोगियों के लिए वॉक करना बहुत लाभकारी, रोजाना कितने कदम चलने की सलाह देते हैं विशेषज्ञ?

Tue, 14 Nov 2023 09:23 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वॉक करने के फायदे - फोटो : iStock
डायबिटीज, तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लगभग सभी उम्र के लोगों में इस रोग का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर बढ़ने के कारण होने वाली डायबिटीज की बीमारी का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो इसके कारण कई प्रकार की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है।

डायबिटीज की अनियंत्रित स्थिति हृदय, आंखों से लेकर किडनी और मेटाबॉलिज्म तक के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को डायबिटीज से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। 

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने से डायबिटीज और हृदय रोग जैसे क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर आप नियमित रूप से रनिंग-वाकिंग जैसे अभ्यास करते हैं तो यह भी आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक हो सकती है। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज रोगियों को रोजाना कितने कदम चलने की सलाह देते हैं?
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डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : iStock
डायबिटीज रोगियों के लिए जीवनशैली में उचित बदलाव जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में उचित बदलाव करना मधुमेह को प्रबंधित करने और इसकी विभिन्न जटिलताओं से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। इसी क्रम में हर दिन वॉक करने की आदत बनाना टाइप-2 मधुमेह वाले लोगों में शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में काफी लाभकारी हो सकती है।

कई अध्ययन, मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल करने में शारीरिक गतिविधि के सकारात्मक प्रभावों की पुष्टि करते हैं। ज्यादातर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रोजाना 30-45 मिनट पैदल चलने की आदत इसमें आपके लिए सकारात्मक प्रभावों वाली हो सकती है। 


 
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डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए करें उपाय - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ विभोर सिन्हा कहते हैं, मधुमेह वालों के लिए निरंतर रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने के लिए प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, जैसे वॉकिंग और रनिंग इसके लिए प्रभावी तरीका हो सकता है।

प्रतिदिन लगभग 10,000 कदम चलने की आदत को सेहत के लिए आदर्श माना जाता है, ये न सिर्फ मधुमेह को कंट्रोल करने में सहायक है साथ ही कई प्रकार की और भी क्रोनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग और मेटाबॉलिज्म की समस्याओं को कम करने में भी ये फायदेमंद हो सकती है। 

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एरोबिक व्यायाम से होने वाले फायदे - फोटो : iStock
एरोबिक व्यायाम डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद

डॉ विभोर कहते हैं, पहले के शोध में भी ये स्पष्ट हो चुका है कि एरोबिक व्यायाम की आदत बनाना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी कारगर हो सकती है। मधुमेह रोगियों की जटिलताओं को कम करने में इसके विशेष फायदे देखे गए हैं। तेज चलने की आदत बनाना आपके बढ़ते वजन को नियंत्रित रखने और हृदय संबंधी सहनशक्ति को बढ़ाने में लाभकारी पाई गई है जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह का खतरा भी कम होता है।

अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन और अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, प्रति सप्ताह कम से कम पांच दिन 30 मिनट की वॉक करने वालों में डायबिटीज की जटिलताओं का खतरा कम होता है। 
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डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : iStock
मधुमेह रोगी रखें विशेष विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण मधुमेह की समस्या का खतरा सभी उम्र वालों में देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने आशंका जताई है कि जिस गति से मधुमेह के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में डर है कि डायबिटीज के वैश्विक मामले साल 2050 तक 130 करोड़ से अधिक हो सकता है। मधुमेह के कारण शरीर के और भी कई अंग प्रभावित होने लगते हैं इसलिए इस समस्या को कंट्रोल करने के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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