डायबिटीज और कैंसर का खतरा
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क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
इंसुलिन और कैंसर के खतरे के बारे में जानने के लिए हमने वरिष्ठ डायबिटोलॉजिस्ट
डॉ वसीम गौहरी से संपर्क किया। डॉ वसीम कहते हैं, डेटा से पता चलता है कि डायबिटीज के शिकार लोगों में कई प्रकार के कैंसर के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। टाइप-1 डायबिटीज (T1D) में, शरीर स्वाभावित रूप से इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता है, ऐसे में इस प्रकार के रोगियों को ताउम्र इंसुलिन के इंजेक्शन होती है।
इंसुलिन कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने और डेड सेल्स को कम करने के लिए जाना जाता है, कुछ स्थितियों में देखा गया है कि यह कैंसर कोशिकाओं को जन्म दे सकता है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने विशेषरूप से बताया है कि जिन लोगों को इंसुलिन का अधिक डोज दिया जाता है उनमें कैंसर का जोखिम 4 गुना तक अधिक हो सकती है, हालांकि इसका सैंपल साइज कम है और इसपर भविष्य में होने वाले अन्य अध्ययनों से स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी। फिर भी निश्चित तौर पर डायबिटीज के इलाज के दौरान इस खतरे पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।