फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संकट: सर्जिकल या कपड़े से बना मास्क, कौन सा है ज्यादा सुरक्षित? जानिए विशेषज्ञ की राय

Thu, 06 Jan 2022 02:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना से बचाव के लिए मास्क जरूरी - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां रोजाना के मामलों में तेज उछाल देखने को मिल रही है, पिछले दिन कोरोना के 90 हजार से अधिक मामले रिकॉर्ड किए गए। कोरोना के इस तेज गति से बढ़ते मामलों ने देश में तीसरी लहर की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। अध्ययनों में बताया जा रहा है कि कोरोना का यह वैरिएंट काफी संक्रामक है ऐसे में सभी लोगों को इससे लगातार बचाव करते रहने की आवश्कता है। इस बीच देश में ओमिक्रॉन से संक्रमण के कारण पहले मौत का मामला भी सामने आया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ओमिक्रॉन, उन लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है, जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चकी है, ऐसे में बचाव करते रहना ही एक प्रभावी विकल्प हो सकता है। कोरोना के तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों के मन में सवाल है कि मास्क लगाकर इससे खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है? क्या जो मास्क हम लगा रहे हैं, वह कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त है? आइए आगे की स्लाइडों में इस संबंध में विस्तार से जानते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
ओमिक्रॉन संक्रमण का बढ़ता खतरा - फोटो : Pixabay
कोरोना से सुरक्षा के लिए लगाएं मास्क
वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा है, यह डेल्टा वैरिएंट की तुलना में श्वसन ऊतकों में 70 गुना तेजी से बढ़ता है ऐसे में सभी लोगों के लिए इसका खतरा बना हुआ है। यही कारण है कि पहले तो सभी लोगों को बाहर जाते समय हमेशा मास्क लगाकर रखना चाहिए, इतना ही नहीं आपका मास्क ओमिक्रॉन के खतरे को रोकने में कितना असरदार  है, इस बारे में भी जानने की आवश्यकता है।
विज्ञापन

3 of 5
जरूर पहनें मास्क - फोटो : Pixabay
कपड़े के मास्क
पिछले साल, दुनिया भर में N95 मास्क की कमी के बीच कपड़े से बने मास्क का चलन तेजी से बढ़ा। यह आपकी नाक और मुंह को आसानी से ढक कर ड्रॉपलेट्स से तो बचा सकता है, हालांकि कपड़े के मास्क आपके आसपास की हवा में मौजूद वायरस से सुरक्षित रखने में कारगर साबित नहीं हुए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कपड़े के मास्क वायरस को रोकने में प्रभावी नहीं हैं ऐसे में इन्हें संक्रमण को रोकने के लिए ज्यादा सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।

4 of 5
सर्जिकल मास्क और कोविड-19 - फोटो : Pixabay
सर्जिकल मास्क
सर्जिकल मास्क को कोरोना की शुरुआत से ही प्रयोग में लाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मदद से सांस के माध्यम से जर्म्स के प्रवेश को तो रोका जा सकता है हालांकि कोरोना जैसे वायरस को रोकने में यह कितने कारगर हैं इस बारे में कहा नहीं जा सकता। सर्जिकल मास्क सिर्फ एक बार के इस्तेमाल के लिए होते हैं, एक इस्तेमाल के बाद इन्हें फेंक दिया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डबल मास्किंग ज्यादा कारगर - फोटो : iStock
किस तरह से मास्क हो सकते हैं ज्यादा कारगर?
अमर उजाला से एक बातचीत में श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष जैन बताते हैं, कोरोना जैसे वायरस से बचाव के लिए डबल मास्किंग ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले सर्जिकल मास्क और इसके ऊपर कपड़े का मास्क पहना जा सकता है। मास्क लगाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना जाए कि यह अच्छी तरह से फिट हों और नाक-मुंह को ठीक से कवर करते हों। अगर नाक या मुंह खुला है तो मास्क लगाने के बाद भी आप खुद को सुरक्षित नहीं मान सकते।


----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें