फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diet Tips: आप भी अक्सर पीते हैं फलों का पैक्ड जूस तो जरूर पढ़िए ये खबर, जानकारियां कर देंगी हैरान

Sat, 14 Sep 2024 08:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डिब्बाबंद जूस के नुकसान - फोटो : amarujala.com
फलों या इसके जूस के सेवन को शरीर के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। फलों के जूस में पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है जो शरीर को ताकत देने, आपको कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखने में मददगार हो सकती है। अनार, संतरे, मौसमी और अनानास जैसे फलों के जूस के नियमित सेवन को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद बताया गया है। पर कहीं आप बाजार में मिलने वाले पैक्ड जूस का सेवन तो नहीं करते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फलों के जूस आपके लिए तभी फायदेमंद माने जाते हैं जब आप ताजे फलों के रस का सेवन करते हैं। बाजार में फलों के पैक्ड जूस आसानी से उपलब्ध होते हैं, इनका स्वाद भी वही होता है और कंपनियों द्वारा दावा भी किया जाता है कि इनसे सेहत को कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।

पर क्या पैक्ड जूस, ताजे फलों के जूस की ही तरह से लाभकारी होते हैं? क्या सभी लोगों को इसका सेवन करना चाहिए? आइए जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
फलों के जूस - फोटो : istock
पैक्ड जूस में हो सकते हैं हानिकारक तत्व

दुनियाभर में फलों के जूस की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पैकेट वाले जूस का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इन जूस में वैसे तो फलों का रस होता है पर अक्सर इसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए फ्लेवर, खाने वाले रंग भी मिलाए जाते हैं। ये जूस लंबे समय तक खराब न होने पाएं इसके लिए इनमें कई प्रकार के प्रीजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। इन सबके अलावा पैक्ड जूस में एडेड शुगर की भी मात्रा अधिक होती है। ये सभी तत्व शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। 

इसके अलावा, जनवरी 2019 की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पैक्ड कई फलों के जूस में लेड या अन्य धातुएं हो सकती हैं।
विज्ञापन

3 of 5
फलों के जूस - फोटो : freepik.com
अध्ययनों में क्या पता चला?

यूएस में पैकेट वाले जूस बेचने वाली 24 राष्ट्रीय और निजी लेबल ब्रांड की जांच की गई। इसमें विभिन्न स्वादों वाले 45 प्रकार के जूस का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, उनमें से कई में लेड का स्तर बहुत अधिक था। ये धातुएं बच्चों में न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

इसके अलावा कई लोकप्रिय ब्रांड जो सेब का जूस बेचती हैं, उनमें एक डब्बे में 14 ग्राम तक चीनी थी। यह लगभग 3 चम्मच चीनी के बराबर है। अध्य्यनों में कहा जाता रहा है कि एडेड शुगर हमारे शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं।

4 of 5
पैकेट वाले जूस के नुकसान - फोटो : istock
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ?

आहार विशेषज्ञ पारुल शर्मा कहती हैं, पैकेट वाले जूस में फलों के रस के साथ मौजूद कई तत्व नुकसानदायक प्रभावों वाले हो सकते हैं। विशेषतौर पर इसमें एडेड शुगर की मात्रा मोटापा, डायबिटीज जैसी कई समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन लोगों को डायबिटीज की दिक्कत है उन्हें इस तरह के जूस के सेवन से परहेज करना चाहिए।

ऐसे जूस जिनमें प्रिजर्वेटिव नहीं होता उनकी शेल्फ लाइफ लंबी नहीं होती। लंबे समय तक प्रिजर्वेटिव वाली चीजों के सेवन को अध्ययनों में कई तरह की क्रोनिक बीमारियों को बढ़ाने वाला पाया गया है। यही कारण है कि पैक्ड जूस को ताजे जूस की तुलना में सुरक्षात्मक नहीं पाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ताजे फल या जूस का करें सेवन - फोटो : istock
साबुत फल अधिक फायदेमंद

डायटीशियन कहती हैं, जूस की जगह साबुत फलों का छिलके और गूदे सहित सेवन करना अधिक लाभदायक होता है, इससे अधिक फाइबर प्राप्त हो सकता है। फाइबर कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, साबुत फलों में विटामिन्स भी अधिक होते हैं। जूस बनाने की प्रक्रिया के दौरान इनकी मात्रा कम हो जाती है।

अगर आप फलों का सेवन नहीं कर सकते हैं तो ताजे फलों का जूस पिएं। पैक्ड जूस का सेवन कम से कम किया जाना चाहिए। ये उतने फायदेमंद नहीं होते हैं जितने विज्ञापनों में बताए जाते हैं।



-------------
स्रोत और संदर्भ
Consumer Reports Methodology for Testing for Heavy Metals in Fruit Juices


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें