लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण दुनियाभर में कई तरह की बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसका शिकार देखे जा रहे हैं।
अमर उजाला में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से मोटापे की स्थिति को स्वास्थ्य विशेषज्ञ तेजी से बढ़ती महामारी के रूप में देख रहे हैं। इससे एक-दो नहीं 60 से अधिक तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी एक बड़ी और गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, न्यूरोलॉजिकल रोग दुनियाभर में कई गंभीर बीमारियों और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक हैं। इन बीमारियों में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी समस्याएं आती हैं। इनमें मिर्गी, अल्जाइमर, पार्किंसन और माइग्रेन जैसी स्थितियां प्रमुख हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती मिर्गी की समस्या, इससे जुड़े मिथ्स को दूर करने और जागरूकता बढ़ाकर रोगियों के प्रति भेदभाव को कम करने के उद्देश्य से हर साल फरवरी के दूसरे सोमवार (9 फरवरी, 2026) को अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है। कहीं आप भी तो इसे भूत-प्रेत की दिक्कत तो नहीं मानते आ रहे हैं?