Intermittent Fasting Side Effects: वजन घटाने और फिटनेस की दुनिया में 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' आज के समय का सबसे लोकप्रिय डाइट ट्रेंड बना हुआ है। इसमें व्यक्ति एक निश्चित समय (जैसे 16:8 नियम) के लिए उपवास रखता है और बाकी समय भोजन करता है। हालांकि कुछ शोध में ये सामने आया है कि बिना डॉक्टरी सलाह और अधूरी जानकारी के इसे अपनाना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग सिर्फ कैलोरी कम करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को पूरी तरह बदल देता है। जहां इसके कई लाभ भी होते हैं, वहीं इसके साइड इफेक्ट्स जैसे अत्यधिक कमजोरी, चिड़चिड़ापन, हार्मोनल असंतुलन और पाचन संबंधी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह डाइट प्लान एक बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है। इसलिए, किसी भी बड़े बदलाव से पहले इसके नकारात्मक पहलुओं को समझना बहुत जरूरी है।