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क्या बृहस्पति ग्रह पर कभी इंसान रह पाएंगे? जानिए इसके बारे में खास और रोचक बातें

Thu, 15 Oct 2020 02:39 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
हमारे सौरमंडल में अनेक ग्रह और उपग्रह हैं और इनमें सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है, जो गैसों का एक समूह है। इसे शनि, अरुण और वरुण ग्रह के साथ एक गैसीय ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस ग्रह के बारे में लोग प्राचीन काल से ही जानते हैं। साथ ही यह ग्रह अनेक संस्कृतियों की पौराणिक कथाओं और धार्मिक विश्वासों के साथ भी जुड़ा हुआ है। भारत में इस ग्रह को 'गुरु' के नाम से भी जाना जाता है। वहीं अंग्रेजी में इसे 'जुपिटर' के नाम से जाना जाता है। इस ग्रह का नाम रोमन सभ्यता ने अपने पौराणिक देवता 'जुपिटर' के नाम पर रखा था। आइए जानते हैं कि इस ग्रह पर क्या कभी इंसान रह पाएंगे। साथ ही इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें भी जानने की कोशिश करते हैं... 
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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
पृथ्वी पर जहां एक दिन 24 घंटे का होता है तो वहीं बृहस्पति ग्रह पर एक दिन मात्र नौ घंटा और 55 मिनट का ही होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी के 11.9 साल में बृहस्पति ग्रह का एक साल होता है। 
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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
बृहस्पति एक चौथाई हीलियम द्रव्यमान के साथ मुख्य रूप से हाइड्रोजन से बना हुआ है। यह सदा अमोनिया क्रिस्टल और संभवतः अमोनियम हाइड्रोसल्फाइड के बादलों से ढंका हुआ रहता है। इस ग्रह पर कोई धरातल नहीं है। ऐसे में यहां इंसानों का रहना लगभग असंभव है। 

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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
इस ग्रह का अपना शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल है और इसी वजह से इसे सौरमंडल का 'वैक्यूम क्लीनर' भी कहा जाता है। दरअसल, यह सौरमंडल में आने वाले बाहरी उल्कापिंडों को अपनी ओर खींच लेता है और उन्हें उनके हमले से बचाता है। 
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बृहस्पति ग्रह का 'द ग्रेट रेड स्पॉट' - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस ग्रह पर करीब 355 साल से एक भयंकर तूफान चल रहा है, जिसे 'द ग्रेट रेड स्पॉट' कहा जाता है। दरअसल, यह तूफान एक लाल धब्बे की तरह दिखाई देता है। इस तूफान के बारे में कहा जाता है कि यह इतना बड़ा है कि इसमें पृथ्वी जैसे तीन ग्रह आराम से समा जाएं। हालांकि वैज्ञानिक इसपर लगातार नजर बनाए हुए हैं, लेकिन वो अब तक इस रहस्य का पता नहीं लगा पाए हैं कि यह तूफान आखिर सैकड़ों साल से लगातार कैसे चल रहा है। 
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