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Insomnia: करवट बदलते हुए ही गुजर जाती है रातें? नींद न आने की समस्या से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

Tue, 22 Jul 2025 07:05 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आने की समस्या बहुत आम हो गई है। इसके पीछे कई कारण हैं। अगर समय रहते इसपर काम न किया गया तो ये गंभीर हो सकता है। आइए इस लेख में कुछ इन्सोम्निया से बचने के कुछ उपाय के बारे में जानते हैं।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
Insomnia Solutions: क्या आपकी रातें सिर्फ करवटें बदलते हुए ही गुजर जाती हैं? क्या सुबह उठने पर भी आप थका हुआ महसूस करते हैं? अगर हां, तो आप अनिद्रा या नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हो सकते हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव और गैजेट्स के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण यह समस्या बेहद आम हो गई है। नींद पूरी न करना न सिर्फ आपको मानसिक रूप से प्रभावित करता है बल्कि शारीरिक रूप से भी करता है।

इससे दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रही तो कई गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। हमारे शरीर को स्वस्थ्य र। अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान और प्रभावी उपायों को अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और गहरी व सुकून भरी नींद का आनंद ले सकते हैं।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
सोने का एक निश्चित शेड्यूल बनाएं
अनिद्रा से निपटने का सबसे पहला और प्रभावी कदम है सोने का एक निश्चित शेड्यूल बनाना। कोशिश करें कि हर रात एक ही समय पर सोएं और हर सुबह एक ही समय पर जागें, यहां तक कि छुट्टियों पर भी। यह आपके शरीर की अंदरूनी घड़ी (सर्केडियन रिदम) को सही तालमेल में रखने में मदद करता है।

जब आपका शरीर एक निश्चित पैटर्न का आदी हो जाता है, तो उसे ठीक समय पर नींद आने और जागने में मदद मिलती है। दिन के समय लंबी नींद लेने से बचें, खासकर दोपहर के बाद, क्योंकि यह आपकी रात की नींद को बाधित कर सकता है। शुरुआत में मुश्किल लग सकता है, लेकिन लगातार अभ्यास से यह आदत बन जाती है।

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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
सोने से पहले ये काम करें और गैजेट्स से दूरी बनाएं
अपने दिमाग को यह संकेत देना जरूरी है कि अब सोने का समय हो गया है। इसके लिए, सोने से कम से कम 1-2 घंटे पहले एक शांत और आरामदायक माहौल बनाएं। आप कोई किताब पढ़ें (स्क्रीन पर नहीं), हल्का संगीत सुनें, या ध्यान करें।

सबसे महत्वपूर्ण बात, सोने से पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, टीवी) से दूरी बना लें। इन गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी हमारे शरीर में नींद के हार्मोन, मेलाटोनिन के उत्पादन को दबा देती है, जिससे नींद आने में ज्यादा समय लगता है।

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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
बेडरूम का माहौल
आपका बेडरूम नींद के लिए एक आदर्श जगह होना चाहिए। यह अंधेरा, शांत और ठंडा होना चाहिए (आदर्श तापमान लगभग 18-22 डिग्री सेल्सियस)। हल्की सी भी रोशनी या शोर आपकी नींद को बाधित कर सकता है। खिड़कियों पर मोटे पर्दे लगाएं और जरूरत पड़ने पर ईयरप्लग या आई मास्क का इस्तेमाल करें।

साथ ही, आरामदायक गद्दा, तकिया और बिस्तर का इस्तेमाल करें। अपने बेडरूम को सिर्फ सोने और आराम करने की जगह बनाएं; यहां काम या तनाव से जुड़ी चीजें न रखें।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
आहार और जीवनशैली में बदलाव करें
आपकी डाइट और जीवनशैली की आदतें भी आपकी नींद पर बड़ा असर डालती हैं। शाम के समय कैफीन (चाय, कॉफी) और भारी, मसालेदार भोजन से बचें। कैफीन एक उत्तेजक है जो आपकी नींद उड़ा सकता है, जबकि भारी भोजन को पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे सोने में दिक्कत हो सकती है। साथ ही नियमित रूप से रोज सुबह व्यायाम करें। अपने तनाव का प्रबंधन अच्छे से करें, क्योंकि तनाव अनिद्रा का एक बड़ा कारण है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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