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Health Tips: सुबह की इन आदतों की वजह से बिगड़ सकता है आपका पाचन, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां?

Tue, 22 Jul 2025 05:59 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bad Habits For Digestion: अक्सर कुछ लोग पाचन संबंधी समस्या से परेशान रहते हैं। वैसे तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इन्हीं में से एक प्रमुख कारण आपकी सुबह की कुछ गलत आदतें हो सकती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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पाचन - फोटो : Adobe Stock
Morning Habits Digestion: दिन की शुरुआत कैसे होती है, इसका सीधा असर हमारे पूरे दिन की ऊर्जा और स्वास्थ्य पर पड़ता है। अक्सर हम अपनी सुबह की आदतों को हल्के में लेते हैं, यह जाने बिना कि ये ही आदतें हमारे पाचन तंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं। एक स्वस्थ पाचन तंत्र ही हमें दिनभर ऊर्जावान और सक्रिय रखता है, जबकि खराब पाचन कई तरह की शारीरिक परेशानियों, जैसे गैस, एसिडिटी, कब्ज और पेट फूलने का कारण बनता है।

यदि आप अक्सर पेट संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो हो सकता है कि आपकी सुबह की कुछ आदतें ही इसके पीछे का बड़ा कारण हों। आइए जानते हैं सुबह की ऐसी कौन-सी आदतें हैं जो आपके पाचन को बिगाड़ सकती है?
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पानी न पीना - फोटो : Freepik.com
पानी न पीना
सुबह उठते ही सबसे पहली गलती जो कई लोग करते हैं, वह है पर्याप्त पानी न पीना या बहुत ठंडा पानी पीना। रात भर की नींद के बाद शरीर को हाइड्रेशन की सख्त जरूरत होती है। यदि आप सुबह पानी नहीं पीते हैं, तो यह पाचन तंत्र को ठीक से शुरू होने से रोकता है, जिससे मल त्याग में परेशानी हो सकती है।

वहीं सुबह-सुबह बहुत ठंडा पानी पीने से पाचन धीमा कर सकता है। इससे खाना पचने में ज्यादा समय लगता है और अपच या पेट फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और कब्ज से राहत दिलाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।

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ओट्स बनाना स्मूदी - फोटो : freepik.com
नाश्ता छोड़ना या गलत नाश्ता करना
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ लोगों के लिए सुबह का नाश्ता छोड़ना एक आम आदत बन गया है, लेकिन यह आदत आपके पाचन को प्रभावित करते हैं। नाश्ता न करने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे शरीर को ऊर्जा के लिए ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है और पाचन तंत्र अनियमित हो जाता है।

लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद जब आप अगला भोजन करते हैं, तो पाचन तंत्र पर अचानक दबाव पड़ता है। वहीं, कुछ लोग सुबह-सुबह ही अत्यधिक तैलीय, मसालेदार या प्रोसेस्ड नाश्ता कर लेते हैं। समोसे, कचौरी, या बहुत ज्यादा मीठे बेकरी उत्पाद पचाने में भारी होते हैं और एसिडिटी, गैस तथा अपच का कारण बन सकते हैं। इसलिए सुबह के लिए हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला नाश्ता चुनें, जैसे दलिया, ओट्स, अंडे या फल।

 

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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
मानसिक तनाव
सुबह का समय अक्सर जल्दबाजी और तनाव भरा होता है, और यह सीधे आपके पाचन को प्रभावित करता है। तनाव में या जल्दबाजी में भोजन करना पाचन तंत्र के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका पाचन धीमा होने लगता है क्योंकि आपके शरीर की ऊर्जा मांसपेशियों और अन्य आपातकालीन कार्यों की ओर मुड़ जाती है।

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जल्दबाजी में भोजन करना - फोटो : Freepik.com
जल्दबाजी में भोजन करना
जल्दी-जल्दी खाने से आप भोजन को ठीक से चबा नहीं पाते, जिससे भोजन के बड़े टुकड़े पेट में पहुंचते हैं और उन्हें पचाना मुश्किल हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप गैस, पेट दर्द और अपच होता है। सुबह आराम से और शांति से भोजन करने के लिए कुछ अतिरिक्त मिनट निकालना आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा तरीका है।

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चाय - फोटो : Adobe stock
सुबह की चाय का अत्यधिक सेवन
कई लोगों की सुबह की शुरुआत खाली पेट चाय या कॉफी से होती है। जबकि यह आपको तुरंत ताजगी दे सकता है, खाली पेट कैफीन का अत्यधिक सेवन आपके पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन पेट में एसिड के उत्पादन को उत्तेजित करता है, जिससे एसिडिटी, सीने में जलन और गैस्ट्रिक अल्सर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। यह आंतों की गतिशीलता को भी प्रभावित कर सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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