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इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज: पाचन संबंधी इस समस्या से बचाव के लिए जानिए क्या खाएं- क्या नहीं?

Mon, 19 Jul 2021 03:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
पेट से संबंधित कोई भी समस्या का प्रभाव पूरे शरीर पर देखा जा सकता है। इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) पाचन से संबंधित ऐसी ही एक बीमारी है जो कई प्रकार की समस्याओं को जन्म दे सकती है। इस बीमारी के कारण पाचन तंत्र में दीर्घकालिक सूजन की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को (आईबीडी) की बीमारी होती है उनमें सामान्यतौर पर थकान, दस्त, ऐंठन, पेट में दर्द और पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। बीएमजे मेडिकल जर्नल में छपे इसी से संबंधित हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि आहार में बहलाव करके इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है उनमें आईबीडी की समस्या होने का खतरा अधिक हो सकता है। प्रतिरक्षा प्रणाली आमतौर पर शरीर को उन रोगजनकों से बचाने में मदद करती है जो इस तरह की बीमारियों और संक्रमण का कारण बनते हैं। साल 2018 के हुए एक अध्ययन के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुषों को इस बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है।
आइए आगे की स्लाइडों में आईबीडी से बचे रहने के उपायों के बारे में जानते हैं।
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पाचन तंत्र में सूजन की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के क्या लक्षण हो सकते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक सूजन के स्थान और गंभीरता के आधार पर इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
  • दस्त की समस्या
  • मल से रक्त आना (इस स्थिति को हेमाटोचेजिया के नाम से भी जाना जाता है)
  • ठीक से शौच न होने के कारण पेट में दर्द और ऐंठन।
  • वजन घटाना या एनीमिया
यदि आप शौच की सामान्य आदतों में लगातार परिवर्तन का अनुभव करते हैं और इनमें से कोई भी लक्षण नजर आ रहा है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। वैसे तो आईबीडी की समस्या घातक नहीं होती हालांकि यह बीमारी शरीर में कई तरह की दिक्कतें जरूर पैदा कर सकती है।
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पेट की समस्याओं को न करें नजरअंदाज - फोटो : Social media
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज क्यों होती है?
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के सटीक कारणों के बारे में विशेषज्ञों के ज्यादा जानकारी नहीं है। डॉक्टर कहते हैं, माना जाता रहा है कि आहार और तनाव ऐसी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली में दिक्कतों को भी इसके संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है। आईबीडी उन लोगों में बहुत आम है जिन लोगों के परिवार में किसी को पहले से ही इस तरह की समस्या रह चुकी है। हालिया अध्ययन में बताया गया है कि आहार में कुछ बदलाव करके इस समस्या से सुरक्षित रहा जा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।

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फाइबर युक्त आहार का करें सेवन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से बचने के लिए क्या खाएं?
अध्ययन में विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन लोगों को इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की समस्या हो या होने का खतरा हो, उन लोगों को लो-फैट वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोगों के लिए अंडे का सेवन फायदेमंद माना जाता है। अंडे, आपके प्रोटीन की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर देते हैं, इनसे वसा का भी खतरा कम होता है। इसके अलावा आईबीडी में चिकन का सेवन भी लाभदायक हो सकता है।
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पेट के लिए नुकसानदायक चीजें न खाएं (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज में किन चीजों से करें परहेज
अध्ययन के मुताबिक आईबीडी से सुरक्षित रहने के लिए उन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए जिनमें वसा की मात्रा अधिक हो। पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रेड मीट का सेवन कम करें। इतना ही नहीं ऐसे रोगियों को हाई फाइबर वाली डाइट से भी बचना चाहिए। इसके अलावा ऐसे रोगियों को अधिक कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। डेयरी उत्पादों के सेवन के समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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स्रोत और संदर्भ: 
Ultra-processed food linked to higher risk of IBD

अस्वीकरण नोट: यह लेख बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 
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