टीबी का इलाज होगा आसान
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टीबी का इलाज होगा आसान और प्रभावी
रिपोर्ट बताती है कि टीबी के इलाज में नया विकल्प तैयार किया जा रहा है। सीएसआईआर-सीडीआरआई ने रिफाब्यूटिन और आइसोनियाजिड को मिलाकर ऐसी दवा विकसित की है, जिसे सांस के रास्ते फेफड़ों तक पहुंचाया जाएगा। यह खास तौर पर टीबी के इलाज में एक नया तरीका हो सकता है। इस दवा के ह्यूमन ट्रायल की तैयारी शुरू हो गई है। जानवरों पर इसका परीक्षण हो चुका है।
- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेषज्ञ समिति ने जानवरों पर दवा की सुरक्षा से जुड़े और आंकड़े मांगे हैं। इसके अलावा यह भी कहा है कि पहले चरण में स्वस्थ लोगों पर दवा को आजमाया जाए।
नसों से जुड़ी बीमारी की दवा के ट्रायल को भी मंजूरी
नसों और मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर करने वाली बीमारी एएलएस के इलाज के लिए नई दवा का ह्यूमन ट्रायल अब अगले चरण में पहुंच गया है।
विशेषज्ञ समिति ने उसनॉफ्लास्ट के फेज-3 ट्रायल को मंजूरी देने की सिफारिश की है। मोइएडीएमएसए नाम की इंजेक्शन वाली दवा के फेज-1 ह्यूमन ट्रायल को अभी सीधे मंजूरी नहीं मिली। समिति ने जानवरों पर दवा के असर और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त आंकड़े मांगे हैं। प्रस्तावित ट्रायल केंद्र को भी उपयुक्त नहीं माना गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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