डायबिटीज, मेटाबॉलिज्म से संबधित विकारों में से एक है, जिसका जोखिम पिछले एक दशक में वैश्विक स्तर पर काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। दुनियाभर में 20 से 80 साल की आयु वाले करीब 54 करोड़ लोगों को साल 2021 में इस रोग का शिकार पाया गया है। आश्चर्यजनक तौर पर डायबिटीज का खतरा कम उम्र में लोगों में भी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, जो फिलहाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण है। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां भी डायबिटीज का जोखिम काफी तेजी से बढ़ा है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
डॉक्टर्स कहते हैं, वैसे तो डायबिटीज किसी भी उम्र और लिंग वाले व्यक्ति को हो सकती है, पर इसकी कुछ जटिलताएं महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग प्रकार की देखी गई हैं। पुरुषों से अलग, महिलाओं में कुछ विशिष्ट लक्षण देखे गए हैं जो उनमें कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
मधुमेह की शिकार महिलाओं में हृदय रोग (सबसे आम मधुमेह की जटिलता) का जोखिम लगभग चार गुना अधिक हो सकता है। महिलाओं को मधुमेह से संबंधित अन्य जटिलताओं में किडनी की बीमारियों का खतरा भी अधिक होता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज की यह समस्या महिलाओं के लिए कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है?