कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए जरूरी है बूस्टर डोज
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इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के लिए क्यों जरूरी माना जा रहा है तीसरा शॉट?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में कोरोना संक्रमण होने का अधिक खतरा होने के साथ गंभीर बीमारी और उसके कारण मृत्यु का जोखिम भी अधिक होता है। ऐसे लोग पूरी तरह से टीकाकरण के बाद भी संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। चूंकि कुछ अध्ययनों में कहा जा रहा है कि वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा भी कुछ महीनों में कम हो जाती है, ऐसी स्थिति में इन लोगों के लिए तीसरा डोज बेहद आवश्यक हो गया है।
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के निदेशक रोशेल वालेंस्की के अनुसार, “चूंकि दुनियाभर में डेल्टा वैरिएंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए वैक्सीन की एक अतिरिक्त खुराक, गंभीर संक्रमण से सुरक्षा देने में सहायक हो सकती है।