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Pillow Use Tips: ऐसा तकिया लगा रहे हैं तो हो जाएगी ये बीमारी, हो जाएं अलर्ट

Tue, 01 Jul 2025 07:10 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप तकिए को सिर के नीचे लगाकर सोते हैं, और आपको गर्दन से संबंधित कुछ दर्द या परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो ये लेख आपको जरूर पढ़ना चाहिए। आइए इस लेख में तकिये के इस्तेमाल से जुड़े कुछ जरूरी बातों को विस्तार से जानते हैं।
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तकिया - फोटो : Adobe Stock
Sleeping With Pillow: हममें से बहुत से लोगों को तकिया लगाकर सोना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तकिए पर आप हर रात सिर रखते हैं, वह आपकी सेहत पर कितना गहरा असर डाल सकता है? गलत तकिए का इस्तेमाल सिर्फ एक छोटी-मोटी असुविधा नहीं, बल्कि यह गर्दन के दर्द, रीढ़ की हड्डी के असंतुलन और यहां तक कि हमारी नींद की समग्र गुणवत्ता को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि एक सही तकिए का चुनाव और उसका उचित उपयोग हमारी रीढ़ और गर्दन के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यह सीधे तौर पर हमारी मुद्रा, रक्त संचार और गहरी नींद से जुड़ा है। अगर तकिया सही न हो, तो सुबह उठने पर अकड़न, दर्द या थकावट महसूस हो सकती है। आइए इस लेख में, हम तकिया लगाने से जुड़ी चार महत्वपूर्ण बातों और उनके सही उपयोग के उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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तकिया - फोटो : Adobe Stock
बढ़ता है सर्वाइकल पेन का खतरा
मोटा और सख्त तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे सर्वाइकल पेन का खतरा बढ़ जाता है। यह दर्द गर्दन से कंधों तक फैल सकता है और सुबह उठने पर जकड़न का कारण बनता है। ऐसा तकिया गर्दन और रीढ़ की हड्डी के एलाइनमेंट को प्रभावित करता है, जिससे सर्वाइकल पेन का खतरा और गर्दन में दर्द का खतरा बढ़ जाता है। 

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तकिया - फोटो : Adobe Stock
पतला तकिया है बेहतर विकल्प
पीठ के बल सोने वालों के लिए पतला तकिया एक अच्छा विकल्प है। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है और गर्दन को सहारा देता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पतले तकिए में मुलायम कॉटन या माइक्रोफाइबर, होनी चाहिए, ताकि सिर को हल्का और आरामदायक सपोर्ट मिले। बहुत ऊंचा या सख्त तकिया रीढ़ के एलाइनमेंट को बिगाड़ सकता है। तकिए की ऊंचाई 4-6 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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तकिया - फोटो : Adobe Stock
बिना तकिए के सोना लाभकारी
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना तकिए के सोने से रीढ़ की हड्डी का एलाइनमेंट बना रहता है। यह रीढ़ को सीधा रखता है और गर्दन पर तनाव कम करता है। खासकर पेट के बल सोने वालों के लिए बिना तकिया सोना फायदेमंद है। हालांकि, यदि आपको बिना तकिए के सोने में असहजता हो, तो बहुत पतला तकिया इस्तेमाल कर सकते हैं।
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तकिया - फोटो : Adobe Stock
करवट बदलते समय तकिए की जरूरत
करवट लेकर सोने वालों को तकिए का उपयोग जरूर करना चाहिए। करवट लेकर सोते समय सिर को रीढ़ के साथ संरेखित रखने के लिए सपोर्ट की आवश्यकता होती है। बिना तकिए के करवट लेकर सोने से गर्दन में तनाव और दर्द हो सकता है। मध्यम ऊंचाई का तकिया चुनें, जो सिर और कंधों के बीच की दूरी को संतुलित करे। यह रीढ़ को सीधा रखता है और मांसपेशियों को आराम देता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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