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कोरोना से पहले से यदि आपको हैं ये बीमारियां तो जाइए सतर्क, लापरवाही पड़ेगी भारी

Fri, 14 May 2021 11:46 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के दौरान अपना थोड़ा अधिक ध्यान रखें - फोटो : iStock

Medically reviewed by Dr. Deepak Mahavar

डॉ दीपक माहवर, श्वास रोग विशेषज्ञ

सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल, नागपुर

डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी, डी.एन.बी

अनुभव- 10 वर्ष

कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है, वायरस का प्रभाव बढ़ा है, उसी तरह कुछ और यदि बढ़ना चाहिए तो वो हैं सावधानियां। यदि हमारी तरफ से लापरवाही बरती गई तो कोरोना संक्रमण के साथ बीमारियां भी बढ़ सकती हैं इसलिए यदि आपको पहले से बड़ी बीमारियां हैं तो कोरोना के दौरान अपना थोड़ा अधिक ध्यान रखें और चिकित्सक की बातों को नजरअंदाज न करें। अगली स्लाइड्स से जानिए कोरोना से पहले से यदि इन बीमारियों से ग्रसित हैं आप तो बरतें विशेष सावधानियां। 

 

 

 

 

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नसें भी कोरोना के दौरान कमजोर पड़ती हैं - फोटो : Pixabay

कोरोना का शरीर पर प्रभाव
कोरोना न सिर्फ हमारी श्वसन क्षमता को प्रभावित करता है बल्कि यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर भी प्रभाव डालता है। नसें भी कोरोना के दौरान कमजोर पड़ती हैं। तनाव और अवसाद के अलावा यह भी एक कारण है कि व्यक्ति कोरोना के इलाज को दौरान या फिर बाद में हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी समस्याओं का शिकार हो रहा है। 

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आपके रक्तचाप में बदलाव न हो - फोटो : Pixabay

डायबिटीज
यदि आपको डायबिटीज है और कोरोना हो गया है तो आपको अपना विशेष ख्याल रखना होगा। कोविड श्वसन तंत्र के अलावा भी नसों और अन्य अंगों को प्रभावित कर रहा है। कोशिश करें कि बार-बार आपके रक्तचाप में बदलाव न हो इसलिए तनाव न लें। किडनी की समस्या होने पर आहार और दवाइयों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि कोरोना संक्रमण के साथ ही ऐसे में डायबिटीज की समस्या भी गंभीर हो सकती है।  

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ह्रदय का संचालन हमारे फेफड़ों से जुड़ा हुआ है - फोटो : सोशल मीडिया

ह्रदय रोग
यदि आपको ह्रदय रोग है या पहले अटैक आया हुआ है तब तो आपके लिए बहुत जरूरी है कि यदि आप इस बात का भी ध्यान रखें कि डॉक्टर परिजन को कौनसी दवाएं दे रहे हैं। ह्रदय का संचालन हमारे फेफड़ों से जुड़ा हुआ है, ऐसे में यदि फेफड़े अधिक संक्रमित है तो तय बात है कि उनका प्रभाव ह्रदय पर भी पड़ता है। 

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छोटा- मोटा संक्रमण भी मुश्किल में डाल सकता है - फोटो : pixabay

कैंसर
कैंसर की मरीजों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा कमजोर होती है। इसके पीछे दो कारण होते हैं। पहला तो रोग और दूसरा उसका इलाज। ऐसे में यदि कैंसर के मरीज को कोई छोटा- मोटा संक्रमण भी मुश्किल में डाल सकता है। ऐसे में पूरी संभावना है कि कोरोना वायरस तो आपके शरीर में आसानी से आक्रमण करेगा, साथ ही कैंसर का रोग भी बढ़ने लग सकता है। 

 

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फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है - फोटो : social media
श्वसन संबंधी बीमारियां
सांस से जुड़ी कोई भी बीमारी हो, तय बात है कि उसका प्रभाव फेफड़ों पर तो पड़ता ही है। फेफड़ों की क्षमता कम होने लगती है। ऐसे में जो व्यक्ति पहले से ही अस्थमा से परेशान है और कोरोना से संक्रमित हो चुका है, सीधा प्रभाव उसके फेफड़ों की कोशिकाओं पर पड़ने लगता है जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है। ऐसे में फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है।    

नोट- यह लेख सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल के डॉक्टर दीपक माहवर से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दीपक महावर पिछले 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एम.बी.बी.एस गवर्नमेंट कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 

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