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Diabetes Alert: महिलाओं के लिए क्यों खतरनाक है टाइप-2 डायबिटीज? इन गंभीर समस्याओं का बढ़ा देती है खतरा

Mon, 30 Mar 2026 08:12 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज की समस्या किसी को भी हो सकती है, पर क्या आप जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में इसका प्रभाव कुछ स्तर पर अलग हो सकता है? महिलाओं में डायबिटीज की समस्या उन्हें कई गंभीर संक्रमण और बीमारियों के प्रति संवेदनशील बना सकती है।
 
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महिलाओं में डायबिटीज के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
दुनियाभर में करोड़ों लोग डायबिटीज का शिकार हैं। ब्लड शुगर लेवल का सामान्य से अधिक बना रहना आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। अगर आपकी HBA1C रिपोर्ट अक्सर 6% से ऊपर बनी रहती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। 

डायबिटीज सिर्फ शुगर हाई रहने की बीमारी नहीं है, यह स्थिति शरीर के अन्य कई अंगों की सेहत को भी प्रभावित करने वाली मानी जाती है, यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराते रहने और इसे नियंत्रित रखने के उपाय करने की सलाह दी जाती है।

वैसे तो डायबिटीज की समस्या किसी को भी हो सकती है, पर क्या आप जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में इसका प्रभाव कुछ स्तर पर अलग हो सकता है? महिलाओं में डायबिटीज की समस्या उन्हें कई गंभीर संक्रमण और बीमारियों के प्रति संवेदनशील बना देती है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Adobe Stock
महिलाओं में बढ़ रही है डायबिटीज की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टाइप-2 डायबिटीज की समस्या वैसे तो पुरुषों में ज्यादा देखी जाती है। हालांकि, महिलाओं में अक्सर गंभीर जटिलताएं और मृत्यु का जोखिम ज्यादा होता है। इसके अलावा डायबिटीज, विशेषतौर पर ब्लड शुगर का बढ़ा हुआ स्तर महिलाओं में मूत्र पथ संक्रमण के जोखिम को कई गुना तक बढ़ा देती है। इस तरह के जोखिम को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को आहार-जीवनशैली में सुधार करते हुए मधुमेह को कंट्रोल में रखने पर ध्यान देना चाहिए।

आइए जानते हैं कि मधुमेह के कारण महिलाओं को किस प्रकार की दिक्कतों का जोखिम रहता है?
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पीरियड्स और गर्भावस्था की समस्या - फोटो : Freepik.com
पीरियड्स पर पड़ता है असर

मासिक धर्म की अवधि के ठीक पहले और उसके दौरान हार्मोन के स्तर में परिवर्तन के कारण ब्लड शुगर के स्तर का अनुमान लगाना कठिन हो सकता है।
 
  • डायबिटीज के कारण आपको हैवी या लंबी अवधि के पीरियड्स की दिक्कत हो सकती है।
  • इस प्रकार की अनियमितता का शरीर के अन्य अंगों पर भी नकारात्मक प्रभाव होने का खतरा रहता है। 

इसी तरह रजोनिवृत्ति के बाद, आपका शरीर कम एस्ट्रोजन हार्मोन बनाता है, जो रक्त शर्करा में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। यह आपके वजन को बढ़ा सकता है, जिससे मधुमेह से संबंधित जटिलताओं के बढ़ने का भी खतरा अधिक होता है। ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक है।

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यूटीआई का खतरा - फोटो : Adobe Stock
क्या आपको भी बार-बार हो रही है यूटीआई?

लगभग सभी महिलाओं को कभी न कभी यूटीआई होने का खतरा रहता है, मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में इसका खतरा अधिक हो सकता है, खासकर यदि रक्त शर्करा का स्तर लगातार अधिक बना रहता हो।
 
  • 50% से अधिक महिलाओं को उनके जीवनकाल में मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) का सामना करना पड़ता है।
  • मधुमेह इस खतरे को भी बढ़ा देती है। कुछ मामलों में इसके कारण किडनी की सेहत भी प्रभावित हो सकती है।
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महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Adobe stock photos
दिल की बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

डायबिटीज की शिकार महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा भी ज्यादा होता है। 

अध्ययन में पाया गया कि टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं में बिना डायबिटीज वालों की तुलना में हृदय संबंधी जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम 20 फीसदी अधिक हो सकता है। जो लोग डायबिटीज के शिकार हैं उन्हें हृदय की सेहत का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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