विटामिन-डी वाली चीजें भी करिए आहार में शामिल
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
आर्थोपेडिक डॉक्टर कामरान सिद्दिकी बताते हैं, पूरे दिन ऑफिस में काम करने, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल, जंक फूड की बढ़ती आदत और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते लोगों में विटामिन-डी की कमी का खतरा बढ़ता जा रहा है।
- लंबे समय तक बैठकर काम करने, शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते हमें पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है जो विटामिन-डी का प्रमुख स्रोत है।
- इसके अलावा खानपान में गड़बड़ी जैसे फास्ट-प्रोसेस्ड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स से हमें कोई न्यूट्रिशन नहीं मिलता, इस वजह से विटामिन की लोगों में कमी हो रही है।
- नींद की कमी और तनाव भी शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ते हैं, जिसका सीधा असर हड्डियों पर पड़ता है।
जब शरीर में विटामिन-डी कम होने लगता है तो कैल्शियम का सही तरीके से इस्तेमाल भी कम हो जाता है।