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हेल्थ टिप्स: सिरदर्द और चक्कर को न समझें मामूली, जानें कब जरूरी है बीपी चेक करना

Sat, 17 Oct 2026 09:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के भी रह सकती है। लगातार बढ़ा हुआ बीपी दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। नियमित जांच, नमक कम खाने, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
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हाई ब्लड प्रेशर - फोटो : Amarujala.com/AI
हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में लगभग 25 से 30% वयस्क हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) से प्रभावित हैं, जिसका अर्थ है कि लगभग हर तीन में से एक व्यक्ति इस समस्या के साथ जी रहा है। हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है। यह आपमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के उपाय करते रहने चाहिए, इसका अक्सर बढ़े रहना गंभीर चिंता का कारण हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम सभी सिर्फ अपनी लाइफस्टाइल और आहार को ही ठीक कर लें तो ब्लड प्रेशर की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर बचाव के उपाय करने से रोग को गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाया जा सकता है। आइए हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण और बचाव के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जिसके साथ धमनियों में खून बहता है। इसकी रीडिंग में दो संख्याएं होती हैं। पहली सिस्टोलिक, जब दिल रक्त पंप करता है और दूसरी डायस्टोलिक, जब दिल धड़कनों के बीच आराम करता है।
 
  • सामान्य तौर पर सिस्टोलिक- 120 मिमी/एचजी और डायस्टोलिक- 80 मिमी/एचजी से कम के ब्लड प्रेशर को सामान्य माना जाता है।
  • हालांकि अगर यह 130/80 मिमी एचजी या उससे अधिक बना रहता है तो यह उच्च रक्तचाप का संकेत हो सकता है।
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थकान-कमजोरी की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर के इन संकेतों पर दें ध्यान
 
सिरदर्द और चक्कर आना
  • सिरदर्द या चक्कर आने हाई बीपी का प्रमुख संकेत माना जाता है। वैसे तो ज्यादातर लोगों को हाई ब्लड प्रेशर होने के बावजूद शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी अथवा देखने में बदलाव हो, तो तुरंत डॉक्टर की मदद जरूर लें।

सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द
  • सीने में दर्द और सांस फूलने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये हृदय या फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है। इन्हें केवल हाई बीपी का लक्षण मानकर घर पर इंतजार न करें। अचानक सीने में दर्द या गंभीर सांस की तकलीफ होने पर डॉक्टर के पास जाकर आपातकालीन सहायता लें। 

धुंधला दिखाई देना
  • लगातार अनियंत्रित ब्लड प्रेशर आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, धुंधला दिखने के कई अन्य कारण भी होते हैं। अगर अचानक नजर कमजोर हो जाए या देखने में बदलाव के साथ दूसरे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत बीपी का जांच करें।

जी मिचलाना, उल्टी
  • हाई ब्लड प्रेशर के कारण जी मिचलाने, उल्टी और बेचैनी जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। अगर इस तरह की दिक्कतों के साथ उल्टी, तेज सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी हो, तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है तो क्या करें?

यदि आप पहले से ही ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहें। अगर यह बढ़ा रहता है तो इसे कंट्रोल करने के तरीकों पर ध्यान दें। अपनी जीवनशैली में बदलाव करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। 
 
  • भोजन में नमक की मात्रा कम करें, हृदय को स्वस्थ रखने वाले आहार का सेवन करें।
  • नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें।
  • वजन को बढ़ने न दें।
  • शराब- धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
  • रोजाना रात में 6 से 8 घंटे की नींद लें।
  • अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं रहता है तो डॉक्टर की समय रहते सलाह लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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