गर्भावस्था में मलेरिया की समस्या
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किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मलेरिया वैसे तो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है। बार-बार होने वाला मलेरिया एनीमिया की समस्या को बढ़ा सकता है। गर्भावस्था में मलेरिया मां और बच्चे, दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मलेरिया के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो मलेरिया के शिकार सभी लोगों को एनीमिया की दिक्कत नहीं होती है, पर कुछ स्थितियां इसका खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं। यही कारण है कि एनीमिया की समस्या से बचने के लिए मलेरिया के लक्षणों पर ध्यान देना और इसका इलाज कराना जरूरी है।
- मलेरिया के शुरुआती लक्षणों में बुखार, ठंड लगने, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान की दिक्कत होती है।
- वहीं एनीमिया होने पर त्वचा या आंखों के पीला पड़ने, चक्कर आने और सांस फूलना जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
अगर बुखार के साथ बहुत ज्यादा कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, आंखों या त्वचा में पीलापन बेहोशी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाकर खून की जांच कराएं।