फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेल्थ टिप्स: सिरदर्द और चक्कर को न समझें मामूली, जानें कब जरूरी है बीपी चेक करना

Sat, 17 Oct 2026 09:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के भी रह सकती है। लगातार बढ़ा हुआ बीपी दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। नियमित जांच, नमक कम खाना, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
विज्ञापन
1 of 4
हाई ब्लड प्रेशर - फोटो : Amarujala.com/AI
हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है। एक आंकड़े के मुताबिक देश में लगभग 234 मिलियन (करीब 24 करोड़) लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। इनमें से 11.3% लोगों की आयु 15-49 वर्ष के बीच की है। हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है। यह आपमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के उपाय करते रहने चाहिए, इसका अक्सर बढ़े रहना गंभीर चिंता का कारण हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम सभी सिर्फ अपनी लाइफस्टाइल और आहार को ही ठीक कर लें तो ब्लड प्रेशर की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर बचाव के उपाय करने से रोग को गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचाया जा सकता है। आइए हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण और बचाव के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जिसके साथ रक्त धमनियों में बहता है। इसकी रीडिंग में दो संख्याएं होती हैं। पहली सिस्टोलिक, जब दिल रक्त पंप करता है, और दूसरी डायस्टोलिक, जब दिल धड़कनों के बीच आराम करता है।
 
  • सामान्य तौर पर सिस्टोलिक- 120 मिमी/एचजी और डायस्टोलिक- 80 मिमी/एचजी से कम के ब्लड प्रेशर को सामान्य माना जाता है। हालांकि अगर यह 130/80 मिमी एचजी या उससे अधिक बना रहता है तो यह उच्च रक्तचाप का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
थकान-कमजोरी की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर के इन संकेतों पर दें ध्यान
 
सिरदर्द और चक्कर आना
  • सिरदर्द या चक्कर आने को कई बार हाई बीपी से जोड़ दिया जाता है, लेकिन ये इसके भरोसेमंद या विशिष्ट लक्षण नहीं हैं। अधिकांश लोगों में उच्च रक्तचाप होने के बावजूद कोई स्पष्ट परेशानी नहीं होती। अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो या इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी अथवा देखने में बदलाव हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द
  • सीने में दर्द और सांस फूलने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये हृदय या फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। इन्हें केवल हाई बीपी का लक्षण मानकर घर पर इंतजार न करें। अचानक सीने में दर्द या गंभीर सांस की तकलीफ होने पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

धुंधला दिखाई देना
  • लगातार अनियंत्रित उच्च रक्तचाप आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, धुंधला दिखने के कई अन्य कारण भी होते हैं। अगर अचानक नजर कमजोर हो जाए या देखने में बदलाव के साथ दूसरे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल जांच कराएं।

जी मिचलाना, उल्टी
  • जी मिचलाना, उल्टी और बेचैनी कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकती हैं। ये अपने आप में हाई बीपी की पुष्टि नहीं करतीं। लेकिन अगर बहुत अधिक रक्तचाप के साथ उल्टी, तेज सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी हो, तो इसे आपात स्थिति मानें।
विज्ञापन

4 of 4
ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है तो क्या करें?

यदि आप पहले से ही ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहें। अगर यह बढ़ता है तो इसे कंट्रोल करने के तरीकों पर ध्यान दें। अपनी जीवनशैली में बदलाव करके रक्तचाप को नियंत्रित और प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है। 
  • भोजन में नमक की मात्रा कम करें, हृदय को स्वस्थ रखने वाले आहार का सेवन करें।
  • नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें।
  • वजन को स्वस्थ बनाए रखें, वजन को बढ़ने न दें।
  • शराब- धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
  • रोजाना रात में 6 से 8 घंटे की नींद लें।
  • अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं रहता है तो डॉक्टर की समय रहते सलाह लें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें