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Skin Cancer Prevention: विशेषज्ञों की सलाह- इन तीन बातों का ख्याल रखकर 70 फीसदी तक कम कर सकते हैं त्वचा कैंसर का खतरा

Tue, 22 Mar 2022 03:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्किन कैंसर के खतरे को कैसे कम करें? - फोटो : Pixabay
कैंसर, दुनियाभर में सबसे घातक रोगों में से एक है। पिछले एक-दो दशक में कई कारणों के चलते वैश्विक स्तर पर कैंसर रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। कैंसर कई प्रकार का हो सकता है, त्वचा कैंसर भी इनमें से एक है। स्किन कैंसर ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 70 वर्ष की आयु तक हर पांच में से एक व्यक्ति इस गंभीर समस्या का शिकार हो जाता है। इतना ही नहीं यू.एस. में हर घंटे 2 से अधिक लोग त्वचा कैंसर के कारण मौत के शिकार हो रहे हैं। भारत में भी त्वचा कैंसर रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते समस्या का निदान करके इलाज करा लिया जाए तो रोगी के बचने की संभावना कई गुना तक बढ़ जाती है। 

मेलेनोमा, त्वचा कैंसर का एक रूप है जो आपकी त्वचा में वर्णक को नियंत्रित करने वाली कोशिकाओं (मेलानोसाइट्स) में शुरू होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर त्वचा कैंसर के लक्षणों का समय पर पहचान करके इलाज शुरू कर दिया जाए तो मेलेनोमा की स्थिति में रोगियों के पांच साल अधिक जीवित रहने की दर 99 प्रतिशत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में अस्वास्थकर बदलाव कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने विभिन्न अध्ययनों और शोध के आधार पर उन तीन आदतों के बारे में बताया है जिनको ध्यान में रखकर त्वचा कैंसर के खतरे को 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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त्वचा कैंसर की समय पर पहचान जरूरी - फोटो : iStock
त्वचा कैंसर के लक्षणों को जानिए
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञों के मुताबिक त्वचा कैंसर किसी को भी हो सकता है, समय पर इसके लक्षणों की पहचान किया जाना आवश्यक है।
  • त्वचा पर गहरे भूरे रंग के धब्बे दिखाई देना।
  • त्वचा पर तिल या धब्बे के रंग, आकार में बदलाव होना या उससे खून बहना।
  • त्वचा में असामान्य बदलाव के साथ खुजली और जलन की समस्या बनी रहना।
  • त्वचा में गांठ महसूस होना।
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सूर्य की किरणें हो सकती हैं नुकसानदायक - फोटो : iStock
सूर्य के संपर्क में जाने से बचें
सूर्य की किरणों को वैसे तो विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, पर इसके संपर्क में बहुत अधिक समय तक रहने वाले लोगों में त्वचा कैंसर का जोखिम काफी अधिक होता है। सूरज की पराबैंगनी किरणों के अत्यधिक संपर्क में आने से उम्र बढ़ने के लक्षण जैसे झुर्रियाँ, काले धब्बे और यहां तक कि त्वचा के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें या फिर त्वचा को अच्छी तरह से ढककर बाहर निकलें। सनस्क्रीन का उपयोग करना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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स्वस्थ आहार का सेवन करें - फोटो : Istock
पौष्टिक आहार बहुत आवश्यक
अध्ययनों में कई फलों-सब्जियों को एंटी-कैंसर गुणों से युक्त पाया गया है, ऐसे में इनका सेवन करने की आदत बनाना आपमें कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। फाइबर, विटामिन-सी, ए, और ई, कार्बोहाइड्रेट, एंटीऑक्सिडेंट, स्वस्थ वसा और प्रोटीन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर फलों और सब्जियों को आहार में शामिल करके आप कैंसर सहित कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। कई अध्ययनों के अनुसार, प्रोसेस्ड रेड मीट, हाई-शुगर और हाई-फैट वाले खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन को कैंसर के उच्च जोखिम से संबंधित पाया गया है।
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त्वचा कैंसर से बचाव के करें उपाय - फोटो : iStock
नियमित व्यायाम का बनाएं आदत
कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधि को सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है। अनुसंधान में बताया गया है कि व्यायाम की आदत कोलन, किडनी, पाचन तंत्र और स्तन कैंसर के जोखिम को 33 प्रतिशत तक कम कर सकती है। दिनचर्या में नियमित योग-व्यायाम को शामिल करके आप न सिर्फ शारीरिक तौर पर फिट बने रह सकते हैं साथ ही यह आदत आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मददगार है। 

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स्रोत और संदर्भ
Skin Cancer risk

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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