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संक्रमण का खतरा: पसीना और नमी बन सकती है फंगल इंफेक्शन की वजह, ऐसे करें संक्रामक रोगों से बचाव

Mon, 07 Sep 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फंगल इंफेक्शन गर्मी, पसीने और नमी के कारण बढ़ सकता है। इसमें दाद, खुजली, जलन व लाल चकत्तों जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। साफ-सफाई और त्वचा को सूखा रखना जरूरी है। कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं।
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फंगल संक्रमण की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी बरसात के दिनों में त्वचा में खुजली और जलन की समस्या हो जाती है? त्वचा पर दाद-खाज की दिक्कत बढ़ जाती है, ये फंगल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।

फंगल इंफेक्शन त्वचा से जुड़ी एक आम समस्या है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकती है। दाद, खाज, खुजली, लाल चकत्ते, जलन या त्वचा पर गोल निशान इसके सामान्य संकेत हो सकते हैं। गर्मी और उमस के मौसम में पसीने और नमी के कारण इसका खतरा और बढ़ सकता है

शरीर के उन हिस्सों में जहां हवा कम पहुंचती है, फंगस को बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल मिल जाता है। फंगल इंफेक्शन संक्रमित व्यक्ति, जानवर या संक्रमित कपड़े-तौलिये जैसी चीजों के संपर्क से भी फैल सकता है। वैसे तो कुछ फंगल संक्रमण अपने आप ठीक हो जाते हैं, जबकि कुछ धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकते हैं और दूसरों में भी संक्रमण पहुंचा सकते हैं।

अगर आपको भी कुछ समय से खुजली या चकत्ते की दिक्कत बनी हुई है तो तुरंत इस बारे में डॉक्टर की मदद लें।
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संक्रमण का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
पहले जानिए फंगल इंफेक्शन होता क्यों है?

फंगस यानी कवकों को गर्म और नम वातावरण पसंद होता है। इसलिए अधिक पसीना आने, त्वचा का लंबे समय तक गीला रहना, बहुत टाइट कपड़े पहनने और प्रभावित हिस्से को ठीक से सूखा न रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
 
  • कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में भी कुछ फंगल संक्रमण गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिया, कंघी या दूसरी व्यक्तिगत चीजें इस्तेमाल करने से भी संक्रमण फैल सकता है।
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एलोवेरा के फायदे - फोटो : Adobe stock
एलोवेरा और सेब का सिरका कर सकता है मदद
 
  • एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने और खुजली या जलन जैसी परेशानी को शांत करने में मदद कर सकता है। इसमें कुछ एंटीफंगल गुणों के संकेत भी मिले हैं। इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अगर समस्या ठीक नहीं हो रही है तो समय रहते विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
 
  • इसी तरह सेब के सिरके और नारियल तेल को फंगल इंफेक्शन में घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कुछ अध्ययनों में इनके एंटीमाइक्रोबियल या एंटीफंगल गुणों की पुष्टि होती है, लेकिन इनसे फंगल इंफेक्शन पूरी तरह ठीक होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। सेब के सिरके को हमेशा पतला करके ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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नीम की पत्तियों के बड़े फायदे - फोटो : freepik.com
नीम इस प्रकार के संक्रमण में लाभकारी

नीम कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। जो कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में कारगर है। इसमें एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो फंगस की जड़ तक जाकर उसे खत्म करता है। इसमें दो महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं ‘गेदुनिन' और ‘निबिडोल', ये फंगल इन्फेक्शन को खत्म करने में कारगर हैं। इसका रस निकाल कर भी आप फंगस वाली जगह पर लगा सकते हैं। इसके पत्तों में एंटी फंगल गुण होने की वजह से ये जल्दी असर करता है।
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त्वचा की समस्याओं का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
फंगल इंफेक्शन में ये सावधानियां सबसे जरूरी

अगर आपको फंगल इंफेक्शन है तो कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान दें।
 
  • प्रभावित हिस्से को साफ और पूरी तरह सूखा रखें। पसीना आने के बाद कपड़े बदलें और ढीले, साफ कपड़े पहनें। 
  • तौलिया, कपड़े, कंघी या दूसरी व्यक्तिगत चीजें किसी के साथ साझा न करें। कपड़े, तौलिये और बिस्तर को नियमित रूप से धोएं। 
  • खुजली होने पर त्वचा को खरोंचने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है।
  • अगर संक्रमण तेजी से फैल रहा है, सिर या नाखूनों तक पहुंच गया है और कई उपायों के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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