प्रतीकात्मक तस्वीर
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च्यवनप्राश को बनाने के लिए आंवला एक मुख्य घटक है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इसे पकाने के बाद भी विटामिन सी की मात्रा में कोई कमी नहीं आती है। इसमें लगभग 36 तरह की जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है। इसमें नागकेशर, सफेद मूसली, पिप्पली, शहद और तेजपत्ता, पाटला, अरणी, गंभारी, कमल गट्टा, विल्व और श्योनक की छाल, नागमोथा, पुष्करमूल, केशर, दालचीनी, आदि चीजें मिलाई जाती हैं।