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सेहत की बात: आपकी रात की नींद अच्छी थी या नहीं? कैसे लगाएं इसका पता और कब हो जाएं सावधान

Sat, 03 Oct 2026 09:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नींद की गुणवत्ता सिर्फ सोने के घंटों से तय नहीं होती। सुबह तरोताजा महसूस करना, दिन में एक्टिव रहना, ध्यान ठीक रहना और दिमाग का क्लियर महसूस होना अच्छे संकेत हैं। सुबह लगातार थकान, दिन में झपकी और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी नींद की कमी की ओर इशारा हो सकती है।
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नींद की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
अच्छी सेहत के लिए लाइफस्टाइल और खानपान को ठीक रखना जितना जरूरी है, अच्छी नींद लेने को भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ उतना ही जरूरी मानते हैं। सभी वयस्कों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ रात में 7-9 घंटे की निर्बाध नींद लेने को जरूरी बताते हैं। अब सवाल ये है कि आप कैसे पता करें कि रात की नींद अच्छे से पूरी हुई है या नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, रात को 7-9 घंटे सोने के बाद भी अगर सुबह उठते ही शरीर भारी लगे, आंखें खुलने में परेशानी हो और दिमाग सुस्त महसूस करें, तो ये संकेत है कि आपकी नींद अच्छी नहीं थी। नींद की गुणवत्ता सिर्फ घंटों से तय नहीं होती। असली सवाल यह है कि सुबह उठने के बाद आप कैसा महसूस करते हैं और दिनभर आपका शरीर और दिमाग कितने अच्छी तरह काम करता है?

अगर सुबह उठने के कुछ समय बाद ही दोबारा नींद आने लगे, काम पर ध्यान न लगे या बार-बार झपकी आए तो यह नींद की गुणवत्ता या नींद की कमी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
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अच्छी नींद क्यों जरूरी - फोटो : adobe
सुबह उठकर तरोताजा महसूस होता है या नहीं?

अगर रात में पर्याप्त नींद लेने के बाद सुबह आप खुद को तरोताजा महसूस करते हैं तो यह अच्छी नींद का संकेत हो सकता है। 
  • लेकिन रोज सुबह उठते ही थकान, भारीपन या सुस्ती महसूस होती है तो अपनी नींद पर ध्यान देना चाहिए। यानी सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि आप कितने घंटे बिस्तर पर रहे।
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
दिन में बार-बार आंख लगती है?

दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आने को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर बैठते ही आंख लगने लगे, टीवी देखते या पढ़ते समय बार-बार झपकी आए या दोपहर में खुद को जगाए रखना मुश्किल हो तो ये संकेत है कि आपकी रात की नींद पर्याप्त नहीं थी।
 
  • नींद की कमी का असर काम पर ध्यान लगाने और शरीर के एक्टिवनेस पर भी पड़ता है।
  • वहीं अच्छी नींद के बाद आप पूरे दिन फ्रेश महसूस करते हैं।
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नींद पूरी न होने का असर - फोटो : Freepil.com
सुबह दिमाग सुस्त क्यों रहता है?

नींद के दौरान शरीर के साथ दिमाग भी जरूरी काम करता है। नींद के अलग-अलग चरणों में दिमाग याददाश्त को इकट्ठा करने सीखने और ध्यान जैसी प्रक्रियाओं में लगा रहता है। अगर रात में नींद बार-बार टूटती है या पूरी नींद नहीं मिलती तो अगले दिन दिमाग भारी लग सकता है और काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो सकता है।

एक-दो दिन सुबह थकान होना जरूरी नहीं कि किसी बीमारी का संकेत हो। लेकिन अगर रोज ऐसा होता है, दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है या रात में नींद बार-बार टूटती है तो वजह जानना जरूरी है। सोने और जागने का समय, कितनी देर सोए और सुबह कैसा महसूस हुआ, ये सभी संकेत देती हैं कि आपकी नींद की क्वालिटी कैसी रही है?


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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