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Coronavirus: एयरोसोल की वार से बच नहीं पाएगा कोरोना, नाक और गले में मौजूद वायरस को करेगा खत्म

Wed, 22 Jul 2020 01:09 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए महामारी बना हुआ है। इससे संक्रमित होने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। इससे हो रही मौतों का आंकड़ा भी हर दिन बढ़ रहा है। कोरोना से बचाव के लिए भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में 120 से ज्यादा तरह की वैक्सीन पर काम हो रहा है, जिनमें से 21 से ज्यादा वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल फेज में है। वैक्सीन के अलावा कोरोना के इलाज के लिए दवाओं को लेकर भी शोध हो रहे हैं। शोध के बाद इलाज के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए एक ऐसी  नई पद्धति विकसित की है, जिससे वायरस को खत्म कर पाना मुमकिन होगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
  • ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के उपचार के लिए एयरोसोल (पानी की सूक्ष्म बूंदों) पर आधारित नई इलाज पद्धति विकसित की है। इस इलाज पद्धति से सार्स-कोव-2 वायरस से संक्रमित मरीजों की मौत का खतरा काफी हद तक कम होता है। इसके साथ ही मरीज के आईसीयू में भर्ती होने की नौबत आने से भी यह इलाज पद्धति बचाती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • दरअसल, बायोटेक फर्म सिनएयरजेन ने ‘इंटरफेरॉन बीटा’ प्रोटीन को एयरोसोल यानी पानी की सूक्ष्म बूंदों में कैद करने में सफलता हासिल की है। जब कोरोना से संक्रमित मरीजों ने नाक के रास्ते एयरोजोल में कैद प्रोटीन को ग्रहण किया तो उनमें संक्रमण के गंभीर स्तर पर पहुंचने का जोखिम 79 फीसदी तक घट गया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • शोधकर्ताओं का दावा है कि इस इलाज पद्धति के जरिए अन्य कोरोना मरीजों की तुलना में उनके ठीक होकर घर लौटने की दर भी दोगुनी हो गई। सिनएयरजेन ने दावा किया कि एयरोसोल पद्धति कोरोना के खिलाफ जंग में असरदार साबित होगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मालूम हो कि कोरोना वायरस ज्यादातर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करता है और गले के माध्यम से फेफड़ों में पहुंचकर संक्रमण को गंभीर कर देता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस एयरोसोल की मदद से नाक, गले, फेफड़ों और श्वास प्रणाली में मौजूद कोरोना वायरस को चंद दिनों में ही नष्ट करना मुमकिन होगा। 
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Coronavirus Mouth Spray - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
स्वीडिश कंपनी ने तैयार किया है माउथ स्प्रे
  • अभी हाल ही में स्वीडिश लाइफ साइंस कंपनी एनजाइमेटिका (Swedish life science company Enzymatica) ने कोरोना वायरस को नष्ट करने वाला एक माउथ स्प्रे तैयार किया है।  दावा है कि कंपनी ने जो स्प्रे विकसित किया है, वह कोरोना वायरस को कुछ ही मिनटों में मार देगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • एनजाइमेटिका कंपनी ने इस माउथ स्प्रे को लेकर 20 जुलाई को शोध के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दावा किया है कि नए इस स्प्रे से कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) को 98.3 फीसदी तक खत्म किया जा सकता है। अमेरिकी कंपनी माइक्रोबैक लैबोरेटरीज इंक द्वारा इस संबंध में अध्ययन किया गया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • कंपनी ने इसे ColdZyme Mouth spray नाम दिया है। दावा है कि इससे 20 मिनट में कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह ओरल स्प्रे अन्य वायरस से भी बचाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ओरल स्प्रे सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या में भी कारगर है। 
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