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Heart Health: हार्ट सर्जन ने बताया- हृदय रोगों से बचने के लिए इन चार चीजों से बिल्कुल बना लें दूरी

Mon, 29 Jul 2024 08:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
हृदय रोगों का खतरा किसी भी उम्र में हो सकता है, यहां तक कि 10-15 साल के बच्चों को भी इसका शिकार पाया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हम सभी की लाइफस्टाइल गड़बड़ हो गई है, आहार में अशुद्धि बढ़ गई है इसका हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है।

हृदय रोगों (कार्डियोवस्कुलर डिजीज) का खतरा बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप, हृदय पर दबाव बढ़ाता है वहीं हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक के निर्माण का कारण बनती है, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है। इससे भी समस्याएं बढ़ जाती हैं। 

हार्ट अटैक दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। धमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल के निर्माण के कारण हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाने से हार्ट अटैक हो सकता है। ये समस्या आखिर क्यों बढ़ रही है, कैसे इससे सुरक्षित रहा जा सकता है? इस बारे में अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में वरिष्ठ कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ एस.पी. तिवारी ने विस्तार से जानकारी दी है।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : istock
हृदय रोग और इसके कारक

डॉक्टर कहते हैं, हृदय रोगों के लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं और इन सभी पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स  और शुगर का बढ़ना  हार्ट के लिए खतरनाक माना जाता है। हम दैनिक जीवन में कई ऐसी गलतियां कर रहे हैं जो इन कारकों को बढ़ा देती हैं। अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है पर हमारी यही गलती एक दिन बड़ी समस्या बनकर उभरती है।

बढ़ता मोटापा हृदय रोगों सहित कई अन्य क्रोनिक बीमारियों के लिए प्रमुख जोखिम कारक माना जाता रहा है, देश की बड़ी आबादी इसका शिकार है। 

आइए जानते हैं कि हृदय रोगों से बचने के किन चीजों से बिल्कुल दूरी बना लेने की जरूरत है?
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धूम्रपान से होने वाले नुकसान - फोटो : istock
इन चीजों से बना लें दूरी

डॉ तिवारी कहते हैं, हृदय रोग से जुड़ी अपनी चिंताओं और दिल के दौरे के जोखिमों को कम करने के तरीकों के बारे में जानने के लिए नियमित रूप से अपने डॉक्टर की सलाह लेते रहें। स्वस्थ और पौष्टिक आहार के साथ नियमित व्यायाम तो जरूरी है ही साथ ही कुछ आदतें हैं जिन्हें तुरंत छोड़ देना आवश्यक है। ये आदतें हमारे हृदय और रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना तक बढ़ा सकती हैं।
  • सिगरेट पीने से बचें। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं के लिए नुकसानदायक है।
  • शराब से दूरी बना लें। शराब आपके शरीर की हर कोशिका के लिए जहरीली होती है। 
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स का भी सेवन कम करें। अध्ययनों में इसे हार्ट अटैक बढ़ाने वाला माना जाता रहा है।
  • मैदा से बने खाद्य पदार्थ खाने से बचें।

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हृदय रोगों के बारे में जानिए - फोटो : istock
हार्ट अटैक के लक्षणों को न करें अनदेखा

डॉ. तिवारी बताते हैं, सीने में दर्द, थकान, चक्कर आना, ठंडा पसीना आना, मतली और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण हार्ट अटैक की तरफ इशारा करते हैं, इन्हें नजरअंदाज न करें। इन स्थितियों में तुरंत एस्प्रिन की टैबलेट लें और नजदीकी डॉक्टर के पास जाएं। हार्ट अटैक की स्थिति में आपातकालीन इलाज मिल जाए तो जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को हार्ट की दिक्कत रही है उन्हें और भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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हृदय की जांच जरूरी - फोटो : istock
हर चार महीने में जांच जरूरी 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय की सेहत की नियमित जांच जरूरी है। हर 4 महीने में खून और लिपिड प्रोफाइल जांच जरूर कराएं। इससे कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड जैसी समस्याओं का पता चलता है। हफ्ते में कम से कम 3 बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करें। ब्लड प्रेशर अगर बढ़ा रहता है तो डॉक्टर की सलाह लें। खान-पान ठीक रखने के साथ नियमित रूप से व्यायाम करना जैसे 40 मिनट तक टहलना, साइकिल चलाना या तैराकी करना आवश्यक है। इन उपायों की मदद से जोखिमों को कम किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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