फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart-Brain Health: हार्ट को हेल्दी रखने वाले ये उपाय ब्रेन को भी रखेंगे स्वस्थ, ऐसे लगाएं एक तीर से दो निशाने

Tue, 28 Jul 2026 04:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल हृदय और मस्तिष्क दोनों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। कम उम्र वाले लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। इन बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है? जानते हैं आप
विज्ञापन
1 of 4
हार्ट-ब्रेन की समस्याएं कैसे कम करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। लिहाजा अब कम उम्र के लोग भी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी क्रॉनिक बीमारियों का शिकार देखे जा रहे हैं। हार्ट और ब्रेन की दिक्कतें काफी आम होती जा रही हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट कर रहे हैं।

मेडिकल रिपोर्ट्स पर भी नजर डालें तो पता चलता है कि पहले जहां हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, वहीं अब 30 से कम उम्र के लोगों में भी ये बीमारियां तेजी से देखी जा रही हैं। विश्वभर में हृदय रोग मौत का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं, जबकि स्ट्रोक और डिमेंशिया जैसी ब्रेन संबंधी समस्याएं लाखों लोगों की जीवन गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम सभी अपनी दिनचर्या को ठीक कर लें तो इन बीमारियों को खतरे को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इनसे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
विज्ञापन

2 of 4
हार्ट और दिल का कनेक्शन - फोटो : Freepik.com
हार्ट-ब्रेन की बढ़ती समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोग और ब्रेन से संबंधित समस्याओं के पीछे कई जोखिम कारक एक जैसे हो सकते हैं।
 
  • हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान और अत्यधिक तनाव जैसी स्थितियां न केवल दिल की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों को भी प्रभावित करती हैं। 
  • इसके अलावा जब दिल स्वस्थ नहीं रहता, तो मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते, जिससे स्ट्रोक, याददाश्त में कमी और कॉग्निटिव समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर कहते हैं, अच्छी बात यह है कि हृदय और मस्तिष्क की सेहत को बेहतर बनाने के लिए अपनाए जाने वाले अधिकांश उपाय समान हैं। यानी आप कुछ साधारण से उपायों को पालन में लाकर एक साथ दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रख सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 4
नियमित व्यायाम के फायदे - फोटो : Adobe Stock
नियमित व्यायाम से हार्ट-ब्रेन दोनों को फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित व्यायाम करने से हृदय अधिक प्रभावी ढंग से रक्त को पंप करता है, जिससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की पर्याप्त आपूर्ति भी ठीक तरीके से होती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम, वॉकिंग-साइकिलिंग या योग आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकते है।
 
  • व्यायाम शरीर में सूजन और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
  • नियमित शारीरिक तनाव कम करने वाले हार्मोन भी बढ़ाती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
विज्ञापन

4 of 4
धूम्रपान से बनाएं दूरी - फोटो : Adobe Stock Photos
डाइट पर ध्यान देना जरूरी 

हृदय और मस्तिष्क दोनों की सेहत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आप क्या खाते हैं?
 
  • ज्यादा नमक और चीनी, ट्रांस फैट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।
  • नट्स-सीड्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने और मस्तिष्क तक खून के संचार को ठीक रखने में मदद करते हैं। 

तनाव और धूम्रपान कम करें

अक्सर तनाव में रहना और धूम्रपान जैसी आदतें हृदय और मस्तिष्क दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। 
 
  • विशेषज्ञ हर रात 7-9 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं। 
  • अच्छी नींद के दौरान मस्तिष्क अपनी मरम्मत और यादों को व्यवस्थित करने का काम करता है, जबकि हृदय और रक्त वाहिकाओं को भी आराम मिलता है। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें