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Diwali Pollution: आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है पटाखों का प्रदूषण, बचाव के लिए जानिए क्या करें-क्या नहीं?

Tue, 25 Oct 2022 11:47 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दीपावली में आंखों की सुरक्षा का रखें विशेष ध्यान - फोटो : iStock
दिवाली रोशनी का त्योहार है, जिसे पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। देवी लक्ष्मी की पूजा, रोशनी, रंगोली, पटाखे और घर की साज-सज्जा इस त्योहार के आनंद का अभिन्न अंग हैं।  पर ध्यान रहे इस उमंग के उत्सव में जरा सी भी लापरवाही आपके लिए मुश्किलों को बढ़ाने वाली हो सकती है। त्योहारों के दौरान खान-पान, दिनचर्या और इसे मनाने के तरीकों को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। उत्साह के बीच हमेशा ध्यान रखें, स्वास्थ्य आपकी पहली प्राथमिकता है इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। दीपावली के इस त्योहार में मधुमेह के साथ, वजन और आंखों की सेहत को लेकर हमेशा सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखे जलाते समय अक्सर लोगों में आंखों की परेशानियां देखी जाती रही हैं। पटाखों को लेकर की गई जरा सी भी लापरवाही न सिर्फ आंखों में चोट का कारण बन सकती है, साथ ही पटाखों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण भी आंखों को दीर्घकालिक क्षति का खतरा रहता है। विशेषकर बच्चों में इस तरह के जोखिम अधिक देखे जाते रहे हैं।

आइए जानते हैं कि दीपावली के उत्सव में आंखों को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित किसी भी प्रकार के जोखिम को कम करने के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है? 
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आंखों को कैसे स्वस्थ रखें - फोटो : Istock
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

नेत्र रोग विशेषज्ञ कहते हैं, दीपावली में पटाखों को लेकर बरती गई लापरवाही के कारण हाथ और उंगली के बाद प्रभावित होने वाला दूसरा सबसे आम अंग हैं- आंखे। पटाखों के धुंआ के कारण आंखों में जलन-चुभन के साथ लालिमा होने का खतरा होता है। इसके अलावा पटाखों से लगने वाली चोट आंखों में घाव, रक्त के थक्के बनने या पुतली को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

बोतल में जलाए जाने वाले रॉकेट लोगों के चेहरों पर उड़कर लग जाते हैं जिसके कारण आंखों में चोट के सबसे ज्यादा मामले देखे जाते हैं। पटाखों के नजदीक से फटने से आंखों की रोशनी भी खराब हो सकती है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए आइए जानते हैं क्या करें और क्या नहीं?
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आतिशबाजी से आंखों की बचाएं - फोटो : iStock
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

पटाखे जलाते समय सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।
  • बच्चों द्वारा आतिशबाजी के समय बड़े लोगों को निगरानी रखनी चाहिए। पटाखे हमेशा शरीर से दूर रखकर ही जलाएं। 
  • आतिशबाजी वाले क्षेत्र से सभी ज्वलनशील चीजों को हटा ले।
  • आतिशबाजी जलाने के लिए लंबी डंडी  का प्रयोग करें। जिससे इससे होने वाले धमाके से हाथों या आंखों पर कोई असर न हो।
  • आंखों को सुरक्षित रखने के लिए आतिशबाजी करते समय सुरक्षात्मक चश्मे पहनें।
  • अनार जैसे पटाखों से आंखों और चेहरों पर चोट के सबसे ज्यादा मामले देखे जाते हैं इसे हमेशा दूर से ही जलाएं।
  • आंख में खुजली, जलन होने या चोट लगने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
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आंखों की सुरक्षा से न करें कोई समझौता - फोटो : Pixabay
ये सावधानियों बहुत जरूरी

आंखों को सुरक्षित रखने और किसी भी तरह की समस्या से बचे रहने के लिए इन सावधानियों को अनदेखा न करें।  
  • छोटे बच्चों को कभी भी आतिशबाजी न करने दें।
  • पटाखों को जलाकर फेंके नहीं इससे चोट का खतरा हो सकता है। 
  • पटाखों को छूने के बाद उसी हाथ से आंखों को न छुएं, इसे रसायनों के आंखों में जाने का खतरा रहता है। 
  • अगर कोई केमिकल आंखों में चला गया हो तो तुरंत आंखों और पलकों को पानी से धो लें।
  • आंखों में जलन या खुजली हो रही हो तो रगड़ें नहीं, तुरंत हाथों को साफ करके साफ पानी से आंखों को धोएं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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