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Health tips: समय-समय पर जरूरी है शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन, घर पर ही इन तरीकों से कर सकते हैं आंतरिक सफाई

Tue, 19 Jul 2022 11:51 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर को डिटॉक्स करने के लिए क्या करें? - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बाहरी सफाई की ही तरह शरीर को अंदर से साफ करते रहना भी आवश्यक माना जाता है, इसे डिटॉक्सिफिकेशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर के अंदर जमा विषाक्त और अपशिष्टों को बाहर करने का प्रयास किया जाता है, जिससे शरीर के सभी अंग स्वस्थ और विषमुक्त रह सकें। आयुर्वेदिक और चीनी चिकित्सा प्रणाली में डिटॉक्सिफिकेशन पर विशेष जोर दिया जाता रहा है।

हम जो भी कुछ खातें हैं वह कई प्रकार की प्राकृतिक क्रियाओं के साथ एक समय के बाद अपशिष्ट बनकर शरीर से बाहर आ जाता है, हालांकि इसका कुछ अंश शरीर में शेष रह जाता है जो धीरे-धीरे जमा होकर कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। 

डिटॉक्सिफाइंग की विधि आपको बीमारी से बचाने में मदद करने के साथ शरीर के तमाम अंगों को स्वस्थ और फिट बनाए रखने में सहायक है। आप घर पर ही आसानी से कुछ उपायों को प्रयोग में लाकर शरीर से विषाक्तता को कम कर सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानते हैं जिसका सभी लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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शरीर के  डिटॉक्सिफिकेशन के लिए क्या करें? - फोटो : Pixabay
क्या है विशेषज्ञों की राय?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन का मतलब है रक्त को शुद्ध करना। यह लिवर में रक्त से अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है। बॉडी डिटॉक्स के दौरान किडनी, आंत, फेफड़े, लिंफैंटिक सिस्टम और त्वचा से विषाक्त पदार्थों को भी समाप्त किया जाता है। आमतौर पर शरीर की बाहरी शुद्धि पर तो हम सभी का ध्यान होता है लेकिन आंतरिक सफाई पर विचार नहीं किया जाता है, ऐसे में ये विषाक्त पदार्थ शरीर को कई प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं।शरीर के  डिटॉक्सिफिकेशन को लेकर निरंतर प्रयास की आवश्यकता है।
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पानी पीते रहने के फायदे - फोटो : istock
खूब पानी पीते रहें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर हम सभी दिनभर खूब पानी पीते रहें तो यह शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन का सबसे असरदार तरीका हो सकता है। पानी पीते रहने से किडनी के माध्यम से अपशिष्ट उत्पाद आसानी से बाहर आ जाते हैं जिससे उनके शरीर में जमा होने का जोखिम कम हो जाता है। पानी पीते रहने से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने,  पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में भी लाभ मिलता है। 

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नींबू से करें शरीर को डिटॉक्स - फोटो : istock
नींबू का सेवन

नींबू को बॉडी डिटॉक्स डाइट का मुख्य हिस्सा माना जाता है। ये एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन-सी से भरे होते हैं, जो रोग पैदा करने वाले मुक्त कणों से लड़ने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, खट्टे फल का शरीर पर एक क्षारीय प्रभाव होता है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर के पीएच संतुलन को बेहतर करने में मदद कर सकता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली को लाभ होता है।

विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और अपने सिस्टम को साफ करने में मदद करने के लिए दिन की शुरुआत गर्म पानी और नींबू के साथ करना फायदेमंद है।
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फाइबर वाले आहार का सेवन बहुत आवश्यक - फोटो : istock
एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर वाली चीजों का सेवन

बॉडी डिटॉक्स के लिए उचित आहार भी आवश्यक है, इसके लिए एंटीऑक्सिडेंट्स वाली चीजों की मात्रा बढ़ाएं। एंटीऑक्सिडेंट्स आपकी कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। वहीं फाइबर युक्त चीजें पाचन को ठीक रखने के साथ मल-त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाती हैं जिससे शरीर के अपशिष्टों को आसानी से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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