आर्थराइटिस का खतरा
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इन बीमारियों का भी हड्डियों पर होता है असर
- रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों में सूजन पैदा करती है। लगातार सूजन, शारीरिक गतिविधि में कमी और लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल हड्डियों के कमजोर कर देती है।
- सीलिएक डिजीज और क्रोहन डिजीज जैसी स्थितियों में कैल्शियम और विटामिन-डी सहित कई पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक पोषण की कमी रहने से हड्डियों की मजबूती घट सकती है।
- लंबे समय तक किडनी की बीमारी रहने पर कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन-डी का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे हड्डियों और खनिजों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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