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सर्वाइकल कैंसर: कैंसर से बचाने वाली इस कारगर वैक्सीन के बारे में ये बातें जानते हैं आप? महिलाएं दें ध्यान

Thu, 22 Oct 2026 10:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

HPV Vaccine: एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस से बचाव करती है, जो सर्वाइकल कैंसर समेत कुछ अन्य कैंसर का कारण बन सकते हैं। किशोरावस्था में टीका लगवाना फायदेमंद है। वैक्सीनेशन के बाद भी जरूरी कैंसर स्क्रीनिंग कराते रहें।
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एचपीवी वैक्सीन - फोटो : Amarujala.com/AI
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता है। इससे हर साल 3.50 लाख से अधिक महिलाओं की मौत हो जाती है। हर दो मिनट में ये एक महिला की इस जान ले रहा है। हालांकि अच्छी बात ये है कि सर्वाइकल कैंसर को लेकर पहले से ही अलर्ट हो जाएं तो इससे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। इससे बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन का कारगर माना जाता रहा है।

एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस, एक आम वायरस है, जिसके कुछ प्रकार के स्ट्रेन का संक्रमण आगे चलकर सर्वाइकल और कुछ अन्य तरह के कैंसर का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर समय रहते सभी किशोरी और महिलाएं एचपीवी के टीके लगवा लें तो इससे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

हालांकि इस वैक्सीन को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहते हैं कि यह टीका किस उम्र में लगवाना चाहिए, क्या लड़कियों के साथ लड़कों को भी इसकी जरूरत होती है और इसके कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हैं?
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एचपीवी वैक्सीनेशन - फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सही जानकारी होने से वैक्सीनेशन को लेकर डर और भ्रम दूर किए जा सकते हैं। आइए इस वैक्सीन के बारे में कुछ जरूरी बातें जान लेते हैं।
 
पहले जानिए एचपीवी वैक्सीन क्या है और क्यों जरूरी है?
 
एचपीवी एक ऐसा वायरस है जो  त्वचा के करीबी संपर्क, खासकर यौन संपर्क के दौरान फैल सकता है। इसके कुछ प्रकार सर्वाइकल कैंसर के अलावा गुदा, लिंग और गले के कैंसर को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
 
  • एचपीवी वैक्सीन वायरस के उन प्रकारों से बचाव करती है, जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
  • इस वैक्सीन से आप कैंसर से बचाव कर सकती हैं।
  • एचपीवी वैक्सीन मौजूदा एचपीवी संक्रमण को ठीक नहीं करती, बल्कि नए संक्रमणों से बचाव करती है।
  • यह टीका संक्रमण के संपर्क में आने से पहले लगवाने पर सबसे ज्यादा प्रभावी होता है। 
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एचपीवी वैक्सीन - फोटो : Adobe stock
किस उम्र में लगवानी चाहिए वैक्सीन?

एचपीवी वैक्सीन आमतौर पर किशोरावस्था में लगवाने की सलाह दी जाती है। कई अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों में 9 साल की उम्र से टीका शुरू करने और 11-12 साल की उम्र में नियमित वैक्सीनेशन की सिफारिश की गई है। लड़कियों के साथ लड़कों को भी इससे फायदा मिल सकता है।
 
  • भारत में 28 फरवरी 2026 को 14 साल की लड़कियों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किए जाने की घोषणा की गई थी। आप अपने डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन लगवा सकती हैं।
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एचपीवी वैक्सीनेशन - फोटो : Adobe stock
क्या एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित है? 
 
  • एचपीवी वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर अध्ययन हुए हैं। आमतौर पर इसके साइड इफेक्ट हल्के होते हैं। कुछ लोगों को इंजेक्शन वाली जगह दर्द, लालिमा या सूजन, हल्का बुखार, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्भावस्था में आमतौर पर वैक्सीन न लगाने की सलाह दी जाती है, इस बारे में डॉक्टर की सलाह ले लें। टीका लगने के बाद भी महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कराते रहना चाहिए। 


सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
 
  • सर्वाइकल कैंसर की शुरुआत में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन बीमारी बढ़ने पर पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, यौन संबंधों के बाद खून आने, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग और असामान्य योनि स्राव जैसे लक्षण दिख सकते हैं। वैसे तो ऐसे लक्षण होने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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