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Heart Disease: दिल की सेहत के लिए सबसे बड़ी दुश्मन है ये आदत, नहीं किया सुधार तो हार्ट दे देगा जवाब

Sat, 09 May 2026 08:14 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

धूम्रपान सीधे दिल की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। सिगरेट में मौजूद निकोटिन हार्ट रेट को बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को ऊंचा करता है। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
दिल की बीमारियां वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज दुनियाभर में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हैं। खराब लाइफस्टाइल, खान-पान में गड़बड़ी के अलावा हमारी कुछ आदतें भी दिल की सेहत को सबसे ज्यादा खतरा पहुंचा रही हैं।

तमाम अध्ययनों के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ धूम्रपान यानी बीड़ी-सिगरेट पीने की आदत को दिल की सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हैं। धूम्रपान को आमतौर पर फेफड़ों की बीमारियों को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है, हालांकि ये आपके दिल की सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक है। 

अगर आप भी धूम्रपान करते हैं तो तुरंत ये आदत छोड़ दीजिए, वरना जानलेवा बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
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धूम्रपान से होने वाले नुकसान - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान की आदत पूरे शरीर के लिए खतरनाक

मेडिकल रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि जिस तरह से युवाओं में धूम्रपान की बढ़ती आदत देखी जा रही है, ये काफी चिंताजनक है और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है।

अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया कि डॉक्टर धूम्रपान-तंबाकू को नंबर-1 किलर भी मानते हैं।
 
  • धूमपान की हर कश फेफड़ों के साथ दिल और रक्त वाहिकाओं को धीरे-धीरे डैमेज करती जाती है।
  • धूम्रपान के कारण शरीर में हजारों खतरनाक केमिकल्स जैसे निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड पहुंचते हैं जो शरीर के पूरे सिस्टम को गंभीर क्षति पहुंचाने वाले हो सकते हैं।
  • यही कारण है कि स्मोकिंग करने वालों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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दिल की बीमारियों का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय पर क्या होता है इसका असर?

धूम्रपान सीधे हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। 
 
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सिगरेट में मौजूद निकोटिन हार्ट रेट को बढ़ा देता है जिससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा हो सकता है।
  • निकोटिन शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन रिलीज करता है, जो दिल पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाता है।
  • इसके अलावा, सिगरेट का धुआं खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देता है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है। 
  • इससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और हृदय की कोशिकाओं के डमैज होने का जोखिम बढ़ जाता है।
  • धूम्रपान करने से खून भी गाढ़ा होता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। ये क्लॉट्स रक्त वाहिकाओं में जमा होकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देते हैं।

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हृदय स्वास्थ्य पर खतरा - फोटो : adobe stock
रक्त वाहिकाओं के लिए भी खतरनाक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक  दुनिया भर में दिल की बीमारियों के कारण होने वाली 20% मौतें सीधे तौर पर धूम्रपान से जुड़ी होती हैं। 
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रक्त वाहिकाओं के लिए भी धूम्रपान की आदत खतरनाक मानी जाती है। 
  • अध्ययन में पाया गया है कि सिगरेट में मौजूद रसायन  रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। 
  • इससे वाहिकाओं का लचीलापन कम हो जाता है और वे सख्त होने लगती हैं। इसे मेडिकल की भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है।
  • स्मोकिंग करने वालों में ब्लड वेसल्स के संकुचित होने की संभावना ज्यादा होती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
हार्ट के अलावा धूम्रपान से होने वाले इन खतरों को भी जानिए

धूम्रपान सिर्फ दिल ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है। 
 
  • यह फेफड़ों के कैंसर, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।
  • सिगरेट में मौजूद निकोटिन लत पैदा करती है, जिससे व्यक्ति के लिए इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। 
  • धूम्रपान इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • धूम्रपान से डायबिटीज होने का खतरा भी 30-40% तक बढ़ जाता है। 
  • यह पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन और महिलाओं में प्रजनन समस्याओं का कारण भी बन सकता है।


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स्रोत: 
Tobacco is still one of the world’s top killers – here are the key obstacles to enacting generational smoking bans


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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