कोरोना महामारी की शुरुआत से ही इसे मुख्यरूप से श्वसन पथ का संक्रमण माना जाता रहा है, हालांकि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण लोगों में जिस तरह के लक्षण देखे जा रहे हैं, उसके आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि इसे सिर्फ श्वसन संक्रमण मानते रहना सही नहीं है। हाल ही में हुए कई अध्ययन भी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कोरोना वायरस श्वसन पथ के साथ शरीर के अन्य कई अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में जहां लोगों को फेफड़ों और हृदय से संबंधित दिक्कतें अधिक हो रही थीं, वहीं ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) और नए XE वैरिएंट के संक्रमण में पेट और आंखों से संबंधित कई लक्षणों का पता चलता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले दिनों एक्सई वैरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। वहीं कुछ हालिया अध्ययन इस बात की तरफ संकेत करते हैं कि कोरोना वैरिएंट के नए स्ट्रेनों से संक्रमितों को आंखों में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा सब-वैरिएंट BA.2 के कारण पेट से संबंधित समस्याओं के मामले भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के नए लक्षणों को लेकर भी लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, वायरस के नए वैरिएंट्स शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकते हैं। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।