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विशेषज्ञों ने चेताया: कोविड-19 को सिर्फ श्वसन संक्रमण समझने की न करें भूल, आंखों और पेट के ऐसे लक्षणों को लेकर भी रहें अलर्ट

Mon, 18 Apr 2022 01:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण और आंखो की समस्याएं - फोटो : iStock
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही इसे मुख्यरूप से श्वसन पथ का संक्रमण माना जाता रहा है, हालांकि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण लोगों में जिस तरह के लक्षण देखे जा रहे हैं, उसके आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि इसे सिर्फ श्वसन संक्रमण मानते रहना सही नहीं है। हाल ही में हुए कई अध्ययन भी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कोरोना वायरस श्वसन पथ के साथ शरीर के अन्य कई अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में जहां लोगों को फेफड़ों और हृदय से संबंधित दिक्कतें अधिक हो रही थीं, वहीं ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) और नए XE वैरिएंट के संक्रमण में पेट और आंखों से संबंधित कई लक्षणों का पता चलता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले दिनों एक्सई वैरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। वहीं कुछ हालिया अध्ययन इस बात की तरफ संकेत करते हैं कि कोरोना वैरिएंट के नए स्ट्रेनों से संक्रमितों को आंखों में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा सब-वैरिएंट BA.2 के कारण पेट से संबंधित समस्याओं के मामले भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के नए लक्षणों को लेकर भी लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, वायरस के नए वैरिएंट्स शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकते हैं। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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संक्रमितों में देखी जा रही है पाचन की दिक्कत - फोटो : pixabay
संक्रमण के कारण आंतों की बढ़ती समस्या

कोविड-19 को लेकर हुए शोध में पाया गया है कि संक्रमितों को पाचन तंत्र से संबंधित दिक्कतें भी हो सकती हैं। विशेषकर स्टील्थ ओमिक्रॉन, लोगों की आंतों को विशेष रूप से प्रभावित करता है, ऐसे में पाचन की दिक्कत, मतली और पेट दर्द जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।

किंग्स कॉलेज लंदन में जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर कहते हैं, अध्ययनों में ओमिक्रॉन BA.2 से संक्रमितों में सामान्य सर्दी-जुकाम की समस्याओं के अलावा मतली और पेट दर्द की दिक्कत भी देखी जा रही है। इससे यह समझ आता है कि वायरस का यह रूप नाक के साथ आंतों को भी अपना शिकार बना रहा है। 
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पेट में दर्द और जलन की समस्या - फोटो : Pixabay
संक्रमण में पेट से संबंधित अन्य लक्षण

अध्ययनों की समीक्षा के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्टा और कोरोना के अन्य पिछले वैरिएंट्स की तुलना में ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के संक्रमण की स्थिति और लक्षणों में काफी अंतर हो सकता है। लोगों में पेट से संबंधित कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही है, जिसमें मतली-उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और जलन के साथ पेट में सूजन की शिकायत काफी सामान्य है। श्वसन के साथ इन लक्षणों को लेकर भी अलर्ट रहने की जरूरत है।

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कोविड-19 और कंजंक्टिवाइटिस की समस्या - फोटो : pixabay
आंखों को भी प्रभावित कर रहा है वायरस

विशेषज्ञ बताते हैं, कोरोना वायरस पेट-आंतों के अलावा आंखों को भी लक्षित करता हुआ देखा जा रहा है। बीएमजे ओपन ऑप्थल्मोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आंखों में दर्द की समस्या कोरोना संक्रमण का ओकुलर से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है। 83 प्रतिभागियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 से पीड़ित लोगों में से ज्यादातर ने सामान्य लक्षणों के साथ आंखों में दर्द की शिकायत की। इसके अलावा कुछ लोगों में कंजंक्टिवाइटिस, आंखों से डिस्चार्ज और चुभन जैसी दिक्कतें भी देखी गईं।   
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कोरोना संक्रमितों में नए लक्षणों की पहचान - फोटो : istock
ड्राई और पिंक आइज की भी समस्या

शोधकर्ताओं ने पाया कि वायरस से संक्रमण की स्थिति में आंखों में दर्द के साथ कुछ लोगों ने ड्राई और पिंक आइज की भी शिकायत की। शोधकर्ताओं का कहना है कि चूंकि कोरोनावायरस कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए ACE2 या एंजियोटेंसिन कनवर्टिंग एंजाइम का सहारा लेता है, जिसके कारण आंखों की यह दिक्कतें हो सकती हैं। ये रेस्पिरेटर्स कंजक्टिवा की कोशिकाओं, आंख के झिल्लीदार आवरण और पलक के अंदर भी मौजूद होते हैं। यदि आपमें भी आंखों की ये दिक्कतें लगातार बनी रहती हैं तो इस बारे में विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। 


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स्रोत और संदर्भ
Sore eyes as the most significant ocular symptom experienced by people with COVID-19:

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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